आगरालीक्स… मां मुझे मत मारो, प्यार से पढाओ, एक बच्चे को गिनती याद कराते हुए उसके एक्सप्रेशन और मां की डांट पर मनोचिकित्सक डॉ केसी गुरनानी ने कहा कि पैरेटिंग बडी चुनौती बन चुकी है। आधुनिकता के दौर में बच्चों का लालन पालन आसान नहीं है तो मुश्किल भी नहीं, बस कुछ बदलाव की जरूरत है, इसके बाद बच्चे को डांट लगाओ तो भी उसके चेहरे पर ऐसे भाव नहीं आएंगे, बजाय इसके वह मां के नाराज होने पर उन्हें मनाने के लिए पढाई करने लगेगा।
इस वीडियो पर एसएन के मनोचिकित्सा विभाग के पूर्व विभागाध्यक्ष डॉ केसी गुरुनानी का कहना है कि इस दौर में बच्चे पेरेंट्स से भी कुछ ज्यादा बातें जानने और समझने लगे हैं। बच्चों के पास सवालों की लाइन हैं लेकिन जवाब देने वाला कोई नहीं है। बच्चों को परिजन टीवी और मोबाइल थमा देते हैं, इसके बाद जब बच्चा खेलने के मूड में हो तो उसे पढाई करने के लिए बिठा लिया जाता है, वह मना करता है या बात बनाता है तो उसे समझाने के बजाय डराने और धमकाने लगते हैं। जबकि इसके लिए बच्चा तैयार नहीं होता है।
ये करें
अपने बच्चे को क्वालिटी टाइम दें
स्कूल से आने के बाद उससे पूछे क्या पढा, क्या खाया और उसे क्या करना है
बच्चा खुद ही बता देगा कि उसे पहले टीवी देखनी है, इसके बाद वह पढाई करेगा
बच्चों की जिद पूरी न करें, उसकी आवश्यकता पूरी करें
टीवी और मोबाइल देने के बजाय उसके साथ गेम्स खेलें
बच्चे को सुने, उसके सवालों का जवाब दें
पढाने का भी तरीका होता है, छोटे बच्चों को रटाने के बजाय समझाने की कोशिश करें
गिनती रटाने की उसकी पसंदीदा चीज देकर गिनती याद कराएं,
बच्चे के साथ बैठकर खाना खाएं
माता पिता कहते हैं कि उनके पास समय नहीं है, यह गलत है, उन्हें समय निकालना होगा