आगरालीक्स…. आगरा में शिकागो बैंड की धुन पर भक्त हरे रामा हरे राम-हरे कृष्णा गूंजेगा, यहां 26 अगस्त को श्री जगन्नाथ रथयात्रा में शिकांगो के बैंड द्वारा आयोजित बृज वधु कीर्तन में संगीत के क्षेत्र में पारंगत यूक्रेन, न्यीलैंड, कोलम्बिया, मास्को, यूए जैसे देशों के श्रीकृष्ण भक्त हिस्सा लेने पहुंचेंगे। श्रीमनःकामेश्वर से प्रारम्भ होने वाली लगभग 8-10 घंटे की रथयात्रा के दौरान कीर्तन में शिकांगो बैंड का नेतृत्व करेंगी गौरामणी देवी।
बैंड की निदेशिका गौरामणी ने यह जानकारी देते हुए बताया कि वह पिछले 8 वर्षों से आगरा में श्री जगन्नाथ यात्रा में हिस्सा लेने पहुंचती हैं। दुनियां का भ्रमण करती हैं लेकिन उद्देश्य सिर्फ श्रीजगन्नाथ यात्रा में कीर्तन होगा है। उन्होंन बताया किनका बैंड ग्रैमी अवार्ड के लिए नोमीनेटिड भी हो चुका है। बैंड में मुख्य रूप से गिटार, मृदंग, हार्मोनियम, वायलन, बांसुरी, कीबोर्ड आदि होंगे। परमदास जी ने बताया कि बैंड के सदस्य अमेरिका, कनाडा, और साउथ अमेरिका में श्री जगन्नाथ रथयात्रा में हिस्सा लेने के बाद अब भारत आए हैं। श्रीजगन्नाथ रथयात्र महोत्सव समिति के सदस्य हीरेन अग्रवाल ने बताया कि दिल्ली, इटावा, गाजियाबाद, नोएडा व वृंदावन की पांच कीर्तन मंडली और आगरा शहर के पांच प्रसिद्ध बैंड (मिलन, सुधीर, चावला, मोहन और आनंद बैंड) रखयात्रा में शामिल होंगे। शकांगो का बैंड प्रभुपादजी के रथ के आगे चलेगा।
श्रीकृष्ण ही ब्रह्मांड हैं
शिकांगो के इस्कान मंदिर में जन्मी गौरामणी देवी कहती हैं, ईश्वर परम कृष्ण हैं। ब्रह्मा जी ने भी कहा है कि भगवान सिर्फ कृष्ण हैं। कृष्ण ही ब्रह्मांड हैं। इसकी अनुभूति आपको तब होती है, जब आप श्रीकृष्ण के सत्संग में डूब जाते हैं। और आपकी आत्मा के तार एक ऐसी अदृश्य शक्ति से जुड़ा महसूस करते हैं जो आपको स्वर्ग में पहुंचने का एहसास कराती है। लेकिन इस अनुभव को अनुभव करना भी हर किसी के बस की बात नहीं।
ये होंगे शिकांगो बैंड की टीम के सदस्य
परमदास (यूएस), जयमंगलदास (रशिया), राधा भाविनी (यूक्रेन), वृन्दावन चंद्र (कोलम्बिया), लीला प्रोम (न्यूजीलैंड), अनुराधा (क्रेशिया), यशोदा (मास्को), महाज्वाला (आस्ट्रेलिया)।