आगरालीक्स…आगरा की सदर तहसील में बुजुर्ग ने अपने ऊपर डाला ज्वलनशील पदार्थ. माचिस जलाने जा रहा था तभी तहसील कर्मियों ने रोक लिया..इस समस्या को लेकर यहां आया था..
आगरा की सदर तहसील में उस समय हड़कंप मच गया जब यहां अधिकारियों के सामने एक बुजुर्ग ने खुद के ऊपर ज्वलनशील पदार्थ उड़ेल लिया और माचिस जलाने लगा लेकिन तभी वहां मौजूद तहसीलकर्मियों ने उसे किसी तरह रोक लिया और उसे सकुशल बाहर ले जाया गया. इसके बाद ज्वलनशील पदार्थ धुलवाया गया.घटना दोपहर पौने 12 बजे की है. तहसील सदर में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान शिवचन्द उर्फ शिवदत्त पुत्र पीतम सिंह निवासी ग्राम व पोस्ट दहतोरा तह० सदर द्वारा अपने खेत के लिए गूल व चकरोड को कब्जा मुक्त कराने के सम्बन्ध में प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किया गया. तभी अचानक शिवचन्द द्वारा अपने जेब से ज्वलनशील पदार्थ निकाल कर अपने ऊपर उडेल लिया. उपस्थित तहसील कर्मियों द्वारा तत्काल श्री शिवचन्द उर्फ शिवदत्त के हाथ से बोतल छीन कर उनको सकुशल बाहर ले जाया गया एवं ज्वलनशील पदार्थ धुलवाया गया.
शिवचन्द उर्फ शिवदत्त द्वारा पूर्व आयोजित तहसील दिवस बीते 19 अप्रैल को एक शिकायती प्रार्थनापत्र दिया गया था। उक्त प्रकरण की जॉच में सामने आया है कि ग्राम मगटई तहसील सदर जिला आगरा में स्थित गाटा संख्या 59मि रकवा 0.2000हे० जोकि राजस्व अभिलेख खतौनी में प्रार्थी शिवचन्द पुत्र पीतम सिंह निवासी दहतोरा व राजवीर पुत्र ताराचन्द व रामवती पत्नी ताराचन्द निवासी दहतोरा का नाम दर्ज है. गाटा संख्या 59 एक मिनजुमला नम्बर है. जो 03 खातों में विभक्त है एवं भूचित्र में नियमानुसार विभाजन नही है.
प्रार्थी द्वारा खसरा संख्या 59 पर पहुचने के लिए खसरा संख्या 57 (नॉन जैड ए के अन्तर्गत नहर) जो स्थल पर कच्चे रास्ते के रूप में प्रयोग हो रही है, से खसरा संख्या 58 रकवा 0.3730हे० व खसरा संख्या 72 रकवा 0.5860हे0 के बीच से होकर रास्ते की मांग की जाती है. खसरा संख्या 58 पर अशोक कुमार, ललित प्रकाश, लल्लू, वीरेन्द्र कुमार, राजेश कुमार, कौशल किशोर आदि का नाम एवं खसरा संख्या 72 पर जी जी ड्रीम काटेज प्रा०लि० द्वारा डायरेक्टर प्रमोद कुमार गर्ग के नाम दर्ज स०भू० काश्तकार अंकित है. स्थल पर उपरोक्त दोनों गाटा संख्याओं में प्लाटिंग हो रही है तथा भू-स्वामी अपने खेत से होकर प्रार्थी को रास्ता देने के लिए तैयार नही है.
तहसील सदर के जॉच के अनुसार चकबन्दी पूर्व का नक्शा देखने से विदित होता है कि चकबन्दी पूर्व गाटा संख्या 57 (नहर) से होकर एक गूल प्रार्थी के खेत तक जाती थी, प्रार्थी का कथन है कि इसी गूल से होकर प्रार्थी अपने खेत पर जाता था, परन्तु चकबन्दी उपरान्त (सन् 1995) के पश्चात खसरा संख्या 58 व 72 के मध्य गूल को नक्शे से विलोपित कर दिया गया. वर्तमान भूचित्र में खसरा संख्या 58 व 72 के मध्य कोई गूल प्रदर्शित नही है. ऐसी स्थिति में प्रार्थी द्वारा चाही गयी जगह पर प्रार्थी को रास्ता दिया जाना सम्भव नही है.
प्रार्थी के खसरा संख्या 59 पर पहुंचने के लिए वर्तमान भूचित्र में उपलब्ध खसरा संख्या 97 नाली एवं खसरा संख्या 98 चकमार्ग की सफाई के लिए खण्ड विकास अधिकारी बिचपुरी को दिनांक 02.05.2025 को पत्र निर्गत कर आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है. प्रार्थी को पूर्व में ही अवगत कराया जा चुका है कि वर्तमान भूचित्र के आधार पर गाटा संख्या 58 व 72 के मध्य से प्रार्थी को रास्ता दिया जाना सम्भव नही है. कानून एवं शांति व्यवस्था के दृष्टिगत सहायक पुलिस आयुक्त, लोहामण्डी, आगरा कमिश्नरेट को आवश्यक कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया है.