आागरालीक्स…आगरा में संडे को यमुना सफाई को जुटे लोग. बच्चों से लेकर बड़ों तक ने हाथ में झाडू लेकर कचरे को किया साफ…25 ट्रैक्टर कचरा यमुना से हटाया..देखें फोटोज
यमुना नदी, जो कभी आगरा की जीवनरेखा थी, आज प्रदूषण की मार झेल रही है। काले-भूरे रंग का पानी, सतह पर तैरता कचरा, और किनारों पर जमा गंदगी यमुना की पीड़ा को बयां करते हैं। ताजमहल के ठीक पीछे बहने वाली यह नदी आगरा की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और आध्यात्मिक धरोहर है। यमुना केवल एक नदी नहीं, बल्कि आगरा की आत्मा है, जो ताज की सुंदरता को पूर्णता देती है। रविवार सुबह, यमुना की तलहटी पर एक भव्य और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। आगरा नगर निगम और रिवर कनेक्ट कैंपेन (यमुना आरती सभा) के संयुक्त तत्वावधान में यमुना आरती स्थल पर एक वृहद सफाई अभियान आयोजित किया गया। इस अभियान में सैकड़ों शहरवासियों, सफाई कर्मियों, विभिन्न संस्थाओं के स्वयंसेवकों और स्कूली बच्चों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सुबह की पहली किरणों के साथ, रंग-बिरंगे झंडों, बैनरों और उत्साह से भरे नारों के बीच यह अभियान शुरू हुआ। बच्चे अपने छोटे-छोटे हाथों में झाड़ू और कचरा थैले लिए किनारे की सफाई में जुटे थे, जबकि बड़ों ने नदी के किनारों से कचरे को हटाने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
25 ट्रैक्टर कचरा यमुना किनारे से हटाया
इस अभियान में लगभग 25 ट्रैक्टर कचरा एकत्रित किया गया, जो यमुना किनारे से हटाया गया। स्कूली बच्चों का जोश और जुनून देखते ही बनता था। उनके चेहरों पर मुस्कान और हाथों में सफाई का जज़्बा यमुना को स्वच्छ बनाने की उम्मीद जगा रहा था। यह दृश्य न केवल प्रेरणादायक था, बल्कि यह संदेश दे रहा था कि सामूहिक प्रयास से यमुना का पुराना वैभव लौटाया जा सकता है। रिवर कनेक्ट कैंपेन के संयोजक ब्रज खंडेलवाल ने नगरायुक्त को सुझाव दिया कि आगामी योग दिवस, 21 जून, का आयोजन यमुना की तलहटी पर ही हो। इस से हजारों शहरवासी योग और यमुना से जुड़ेंगे।
इस अभियान का नेतृत्व आगरा नगर निगम कमिश्नर अंकित खंडेलवाल एवं अपर नगर आयुक्त शिशिर कुमार और सहायक नगरायुक्त अशोक गौतम ने किया साथ में भारतीय जनता पार्टी के महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता,
रिवर कनेक्ट कैंपेन के ब्रज खंडेलवाल, पद्मिनी, मुकुल पांड्या, डॉ. शम्मी कालरा, पवन गुप्ता, हरेन्द्र गुप्ता, रंजन शर्मा, राकेश गुप्ता, सुनंदा भट्टाचार्य, चतुर्भुज तिवारी, मुकेश तिवारी, मुकेश भारद्वाज, नितिन जोहरी, पूजा भौमिक, जगन प्रसाद तहरिया, भोले वर्मा, प्रमोद कुमार नज़कानी, दिलीप जैन, नंदन श्रोत्रिय, गिरज बंसल हिमांशु धाकरे, अश्वनी शाल्या, अमित के. लवानिया, वल्लभ श्रोत्रिय (वंश), राजकुमार माहेश्वरी, अभित्व गुप्ता, अमित लावणीय, पार्षद अनुराग चतुर्वेदी, पार्षद अनुज शर्मा, पार्षद भरत शर्मा, भावना अग्रवाल समेत सैकड़ों स्वयंसेवकों ने इस अभियान को सफल बनाया। इंडिया राइजिंग ,संस्कृति फाउंडेशन, एक पहल संस्था के सहित कई गैर-सरकारी संगठनों और स्कूलों के नन्हे-मुन्ने बच्चों ने भी इस पुण्य कार्य में योगदान दिया।