आगरालीक्स ….Agra News: आप भी आगरा के डॉ. आंबेडकर विवि के छात्र रहे हैं, विवि के आज 98 वर्ष पूरे हो गए। विवि में इस बार पढ़ने के लिए अमेरिका, यूरोप, सार्क देश के छात्रों ने भी आवेदन किया है। ऐसा विवि के स्टडी इन इंडिया से जुड़ने के कारण संभव हो सका है। ( Agra News: 100 foreign student apply for admission in DBRAU, Agra, Video#Agra)
डॉ. भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, पूर्ववर्ती आगरा विश्वविद्यालय की स्थापना एक जुलाई 1927 को हुई थी। कुलपति प्रो.आशु रानी के अनुसार, सत्र 2025-26 में 100 से अधिक विदेशी छात्रों के प्रवेश पत्र आवेदन प्राप्त हुए हैं। इन छात्रों के लिए विशेष सुविधा जैसे कि अंग्रेजी में कक्षाएं, काउंसलिंग सेवाओं, आदि जैसी सुविधाओं के लिए विश्वविद्यालय अग्रसर है। विदेशी छात्रों ने बीटेक, एमबीए, गणित सहित अन्य कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन किया है। विवि को वर्ष 2024 में नैक ए प्लस ग्रेड मिली थी और सीजीपीए 3.33 था, जिन विवि का सीजीपीए 3.2 से अधिक होता है वे विदेशी छात्र जो भारत में अध्ययन करना चाहते हैं उसके लिए केंद्र सरकार के कार्यक्रम स्टडी इन इंडिया से जुड़ सकते हैं। विवि पहली बार स्टडी इन इंडिया से जुड़ा है और प्रवेश प्रक्रिया शुरू होते ही 100 विदेशी छात्रों ने प्रवेश के लिए आवेदन किया है।
विवि की एक साल की उपलब्धियां
एक वर्ष में 236 शैक्षणिक गतिविधियों के साथ संकाय सदस्यों द्वारा 340 शोध-पत्र एवं 118 पुस्तकें, अध्याय प्रकाशित हुए है। साथ ही 32 पेटेंट प्रकाशित हुए हैं और 82 अनुसंधान परियोजनाएं चल रही हैं। 536 राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, व्याख्यान एवं प्रस्तुतियाँ सम्पन्न हुईं, जिनमें 64 अंतरराष्ट्रीय शामिल रहीं। विश्वविद्यालय में कुल 695 छात्रों को प्लेसमेंट प्राप्त हुआ और 18 कंसल्टेंसी परियोजनाएं सफलतापूर्वक पूर्ण की गई। अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों, जिसमें रूसी विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय में हिंदी भाषा सीखना प्रारंभ किया। विश्वविद्यालय ने देश-विदेश की प्रतिष्ठित संस्थाओं के साथ सहयोग के नए आयाम स्थापित किए। सत्र 2024-25 के दौरान 25 से अधिक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए हैं
विवि के 2027 में 100 वर्ष हो जाएंगे पूरे
विश्वविद्यालय को सुचारू रूप से कार्यरत और इसके अत्याधुनिक विकास हेतु कई संसाधन प्रस्तावित हैं। परीक्षा, मूल्यांकन आदि में तकनीकी का समावेश कर परीक्षा पारदर्शी और निष्पक्ष होंगी। रियल-टाइम परिणामों की सुविधा और मूल्यांकन की व्यवस्था भी लागू की जाएगी। साथ ही 1000 सीटों की ऑनलाइन परीक्षा हेतु संसाधनों पर कार्य किया जा रहा है। डिजिटल पुस्तकालय के लिए भी कार्य किए जा रहे हैं जो छात्रों और शोधकर्ताओं के लिए एक अमूल्य संसाधन है। इसमें पुस्तकें, शोध पत्र, जर्नल, और अन्य अकादमिक सामग्री डिजिटल रूप में उपलब्ध होंगी।विश्वविद्यालय की वैश्विक रैंकिंग प्राप्त करने के लिए अनुसंधान, शैक्षिक गुणवत्ता, और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी पर भी माननीय कुलपति जी द्वारा कार्य किया जा रहा है।