आगरालीक्स…आगरा में नकली दवाओं का केस रफा—दफा करने पर एक करोड़ की रिश्वत की पेशकश करने वाला कारोबारी हिमांशु भेजा जेल. जांच हुई और तेज. दवा कपंनियों की प्रतिनिधियों को भी बुलाया…
आगरा में करोड़ों रुपये की नकली दवाओं के काले कारोबार की जांच और तेज हो गई है. वहीं हे मां मेडिको के संचालक हिमांशु अग्रवाल को एक करोड़ की रिश्वत देने पर 14 दिन के लिए जेल भेज दिया गया है. औषधि विभाग की टीम द्वारा अब इस पूरे काले कारोबार के सिंडिकेट की कड़ी से कड़ी खोली जा रही है. टीम आज बंसल मेडिकल, गोगिया मार्केट में दवाओं की जांच में जुट गई है. पुडुचेंरी से भेजी गई दवाओं की जांच की जा रही है. वहीं नकली दवाओं की पहचान करने के लिए दवा कंपनियों के प्रतिनिधियों को भी बुलाया गया है.
कूरियर कंपनी के संचालक सहित 6 पर भी मुकदमा दर्ज
आगरा में करोड़ों रुपये की नकली दवाओं के काले कारोबार में एक और एफआईआर दर्ज की गई है. इस एफआईआर में कूरियर कंपनी के संचालक सहित छह को नामजद किया गया है. ये सभी भी इस काले कारोबार में शामिल थे और नकली दवाओं की सप्लाई को बड़ी चालाकी से अंजाम दे रहे थे. सहायक आयुक्त औषधि एवं खाद्य सुरक्षा की ओर से थाना कोतवाली में यह मुकदमा दर्ज कराया गया है. इस मुकदमे में एमएस कार्गो कूरियर कंपनी का संचालक यूनिस और उसके साथी वारिस, विक्की, सुभाष कुमार, हिमांशु और फरहान को नामजद किया गया है. इन लोगों के माध्यमसे ही आगरा कैंट स्टेशन पर आने वाली नकली दवाओं को कोतवाली की बंसल और हे मां मेडिकल एजेंसी पर लाया जाता था.
साउथ के दवा माफियाओं से निकला कनेक्शन
जांच में हिमांशु अग्रवाल से पूछताछ के बाद पता चला है कि दक्षिण के दवा माफियाओं के साथ मिलकर नकली दवाएं तैयार कर बाजार में बेची जा रहीं थी। करोड़ों की दवाएं मंगाई जाती थी इन्हें उत्तर प्रदेश के कई शहरों के साथ ही कई राज्यों में बेचा जाता था।

करोड़ों की दवाएं गोदाम और दुकानों में भरी
एसटीएफ ने 3.50 करोड़ की नकली दवाएं जब्त कर ली हैं। गोदाम और दुकानों में करोड़ों की दवाएं भरी हुई हैं।
ऐसे खुला नकली दवा का खेल
पिछले कुछ सालों से एंटी एलर्जिक और एंटीबायोटिक दवाओं की बिक्री कई गुना बढ़ गई है इसके बाद भी दवा कंपनियों की सेल नहीं बढ़ रही थी। कंपनियों ने अपने स्तर से जांच कराई, इसमें नकली दवा तैयार करने की जानकारी हुई। इसकी शिकायत औषधि विभाग के मुख्यालय में की गई। मुख्यालय से औषधि विभाग और एसटीएफ की टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने 20 दिन तक जांच की, इसके बाद छापेमार कार्रवाई की, इसमें नकली दवा पकड़ी गई हैं।
29 हजार स्ट्रिप पर एक जैसा बार कोड
सेनोफी कंपनी के जीएम विवेक गौड़ ने बताया कि उनकी कंपनी द्वारा एंटी एलर्जिक ऐलेग्रा टैबलेट बनाई जाती है। 10 टैबलेट की एक स्ट्रिप होती है और हर स्ट्रिक पर अलग क्यूआर कोड का ब्योरा होता है। औषधि विभाग द्वारा 29 हजार से अधिक स्ट्रिप पकड़ी गई हैं, इन स्ट्रिप के जब क्यू आर कोड स्कैन किए गए तो सभी पर एक जैसा ब्योरा मिला है।