आगरालीक्स….आगरा में श्रद्धा, उल्लास और भाईचारे के संग धूमधाम से मनाया गया क्रिसमस महापर्व. देखें फोटोज
प्रेम, शांति, करुणा और मानव सेवा का संदेश लेकर आए प्रभु यीशु मसीह के जन्मोत्सव क्रिसमस को आज आगरा शहर में अपार श्रद्धा, उत्साह और सामाजिक सौहार्द के साथ मनाया गया। सुबह से ही शहर के प्रमुख गिरजाघरों में विशेष प्रार्थनाओं, धन्यवाद मिस्सा तथा धार्मिक अनुष्ठानों का क्रम आरम्भ हो गया, वहीं दूसरी ओर शहर के विभिन्न क्षेत्रों में उत्सव और आनंद का माहौल बना रहा। वजीरपुरा रोड स्थित ऐतिहासिक कैथेड्रल ऑफ इमैक्युलेट कन्सेप्शन चर्च में क्रिसमस दिवस के अवसर पर प्रातः काल से ही विशेष धन्यवाद प्रार्थनाएं आयोजित की गईं। चर्च परिसर को रंग-बिरंगी रोशनियों, पुष्प सज्जा और आकर्षक क्रिसमस सजावट से सुसज्जित किया गया था। चर्च प्रांगण में प्रभु यीशु मसीह के जन्म की भव्य झांकी (आशीषी) एवं प्रदर्शनी लगाई गई, जिसे देखने के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। श्रद्धालुओं ने पवित्र झांकी के दर्शन कर प्रभु से अपने परिवार, समाज और देश के लिए शांति व समृद्धि की कामना की।
प्रार्थना के दौरान पवित्र बाइबिल के पाठ और प्रवचनों के माध्यम से प्रभु यीशु के जीवन, उनके त्याग, प्रेम और मानव कल्याण के संदेश पर प्रकाश डाला गया। धर्मगुरुओं ने कहा कि प्रभु यीशु का जन्म अंधकार में प्रकाश, निराशा में आशा और विभाजन में एकता का प्रतीक है। आज के समय में जब समाज अनेक चुनौतियों से गुजर रहा है, तब यीशु के उपदेश मानवता के लिए मार्गदर्शक हैं।
इसी प्रकार प्रतापपुरा स्थित सेंट मेरीज़ चर्च में भी क्रिसमस पर्व को विशेष श्रद्धा के साथ मनाया गया। सुबह से ही चर्च में श्रद्धालुओं का आना-जाना लगा रहा। यहां आयोजित धन्यवाद प्रार्थना और पूजा-अर्चना के पश्चात चर्च परिसर में लगाई गई प्रभु यीशु के जन्म की सुंदर झांकियों का लोगों ने दर्शन किया। बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों में विशेष उत्साह देखने को मिला। चर्च परिसर में भक्ति गीतों और क्रिसमस कैरोल्स की मधुर धुनों ने वातावरण को आध्यात्मिक आनंद से भर दिया।
क्रिसमस पर्व के अवसर पर शहर के विभिन्न इलाकों में भी जश्न का माहौल रहा। सदर क्षेत्र, सेंट जॉन्स चर्च कंपाउंड तथा पढ़री टोला में युवाओं ने उत्साहपूर्वक उत्सव मनाने की तैयारियां कीं। देर शाम तक रोशनी, सजावट, संगीत और आपसी मेल-मिलाप का सिलसिला चलता रहा। युवाओं द्वारा नाइट आउट की योजनाएं बनाई गईं, जिसमें मित्रों और परिवार के साथ इस पावन दिन की खुशियां साझा की गईं। क्रिसमस के इस अवसर पर पूरे शहर में उत्सव की रौनक साफ दिखाई दी। क्रिसमस केवल उत्सव का दिन ही नहीं, बल्कि स्मरण और कृतज्ञता का भी दिन माना जाता है। क्रिश्चियन समाज सेवा सोसायटी के अध्यक्ष श्री डेनिस सिल्वेरा ने जानकारी देते हुए बताया कि क्रिसमस के दिन ईसाई समाज में अपने पूर्वजों और दिवंगत परिजनों को श्रद्धापूर्वक याद करने की परंपरा निभाई जाती है। इस अवसर पर लोग कब्रिस्तानों में जाकर अपने पुरखों की कब्रों पर फूल एवं चादर अर्पित करते हैं, मोमबत्तियां जलाते हैं और उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं। यह परंपरा पीढ़ियों के बीच जुड़े संस्कारों और परिवारिक मूल्यों को मजबूत करती है।
उन्होंने आगे कहा कि क्रिसमस का वास्तविक संदेश केवल खुशियां मनाना नहीं, बल्कि प्रभु यीशु के दिखाए मार्ग पर चलना है—जिसमें प्रेम, क्षमा, सेवा और त्याग सर्वोपरि हैं। समाज के जरूरतमंद, गरीब और कमजोर वर्ग की सहायता करना ही क्रिसमस की सच्ची भावना है। इसी भावना के साथ विभिन्न सामाजिक एवं धार्मिक संस्थाएं सेवा कार्यों में भी संलग्न रहीं। क्रिसमस के अवसर पर विभिन्न धर्मों के लोगों ने एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं और कार्यक्रमों में सहभागिता कर आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश दिया। कड़ाके की ठंड के बावजूद लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ और पूरा शहर प्रेम, शांति और आनंद के रंग में रंगा नजर आया।