आगरालीक्स…. यूपी चैप्टर आॅफ आॅब्सटेट्रिक एंड गायनिकोलॉजी का 29 वां वार्षिक सम्मेलन (यूपीसीओजी-2017ए 13 से 15 अक्टूबर तक ) मेरठ में मुख्य अतिथि फेडरेशन आॅफ आॅब्सटेट्रिक एंड गायनिकोलॉजिल सोसाइटीज आॅफ इंडिया (फोग्सी) की प्रेसीडेंट इलेक्ट प्रो. जयदीप मल्होत्रा ने अतिथीय उद्बोधन में उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और मरीजों के बीच विश्वास की डोर को और मजबूत बनाना होगा, साथ ही चिकित्सा के क्षेत्र विशेषकर सरकारी और निजी अस्पतालों में गुणवत्ता सुधार और पारदर्शिता लाने की आवश्यकता है। ताकि स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ जन साधारण तक और बेहतर तरीके से पहुंचाया जा सके। यही अच्छी चिकित्सा का लक्ष्य भी है। कहा कि हमें ध्यान रखना होगा कि मरीज को सिर्फ दवाओं के जरिए शारीरिक रूप से ही नहीं बल्कि मानसिक, व्यवहारिक और सामाजिक रूप से भी सशक्त बनाया जाए। शहरों में अच्छे और उच्चतम संसाधनों के बीच कार्य कर रहे चिकित्सकों को यह भी देखना होगा कि कोने-कोने में बैठे अपने साथी चिकित्सकों तक नई तकनीकें, इलाज की पद्धतियां, सुविधाएं और संसाधन पहुंचाए जाएं ताकि वहां भी इलाज को पहले से बेहतर और सरल बनाया जा सके। विशिष्ट अतिथि के रूप में वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं रेनबो हॉस्पिटल के निदेशक डा. नरेंद्र मल्होत्रा ने चिकित्सकों को नई तकनीकों को लेकर अपडेट रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि गंभीर मरीजों को इलाज की नई तकनीक और प्रबंधन सीखने से न सिर्फ इलाज को आसान बनाया जा सकता है बल्कि कई जिंदगियां बचाई जा सकती हैं।
सम्मेलन में आगरा से डा. सरोज सिंह, डा. रिचा, डा. रुचिका, डा. दीक्षा, डा. केशव, डा. शिखा ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किए।
जनवरी 2018 में फोग्सी का अध्यक्ष पद ग्रहण करेंगी डा. जयदीप
प्रो. जयदीप मल्होत्रा एक ख्याति प्राप्त स्त्री रोग विशेषज्ञ एवं आईवीएफ वैज्ञानिक हैं। वह साल 2018 के लिए फेडरेशन आॅफ आॅब्सटेट्रिक एंड गायनिकोलॉजिक सोसाइटीज आॅफ इंडिया (फोग्सी) की अध्यक्ष चुनी गई हैं। 18 जनवरी 2018 को भुवनेश्वर में आयोजित एक समारोह में अध्यक्ष पद पर कार्यभार ग्रहण करेंगी। उनके पति वरिष्ठ स्त्री रोग विशेषज्ञ डा. नरेंद्र मल्होत्रा भी इस पद पर आसीन रहे हैं। डा. जयदीप मल्होत्रा और डा. नरेंद्र मल्होत्रा दुनिया के पहले दंपति हैं जो किसी एक ही प्रोफेशनल संगठन के अध्यक्ष पद पर काबिज हुए, साथ ही जिन्हें यूके के रॉयल कॉलेज की मानद उपाधि से सुशोभित किया गया है। डा. जयदीप मल्होत्रा एक अग्रणी आईवीएफ विशेषज्ञ हैं जो आगरा में काम कर रही हैं और भारत के साथ ही नेपाल और बांग्लादेश के आईवीएफ के 18 केंद्रों को प्राविधिक सहायता प्रदान करती हैं। डा. जयदीप के प्रयासों से अब तक आईवीएफ पद्धति के जरिए 5000 से अधिक बच्चों का जन्म कराया जा चुका है। उत्तर प्रदेश और नेपाल में आईवीएफ से पहले शिशु का जन्म कराने का कीर्तिमान भी उनके नाम है।