आगरालीक्स…आटो चालक के खाते में गलती से पहुंचा 15000 किराया, लौटाकर बोला ऐसे ही कभी मैंने भी गलती से गंवाए थे 2000 रुपए, 10 रुपए भी खो जाएं तो नींद नहीं आती है
आगरा में ईमानदारी का बेहतरीन परिचय सामने आया है। एक शख्स के बैंक खाते में गलती से 15,000 रूपये आ गए। जिस महिला के एकाउंट से यह राशि शख्स के खाते में आई थी उसे इसकी भनक भी नहीं थी। मगर शख्स ने खुद महिला से संपर्क कर बिना समय गंवाए यह धनराशि उसके खाते में वापस भेज दी। सिकंदरा से लोहामंडी के बीच आटो चलाने वाले दिनेश यादव ने ईमानदारी की मिसाल पेश की है। उन्होंने साबित कर दिया कि ईमानदारी आज भी जिंदा है। दिनेश ने अपने बैंक खाते में गलती से आई एक बड़ी रकम को बिना किसी लालच के तुरंत उसके असली मालिक को वापस कर दी।अब उनकी नेकदिली और सत्यनिष्ठा ने पूरे क्षेत्र में उन्हें सम्मान का पात्र बना दिया है। उनकी ईमानदारी की हर तरफ चर्चा हो रही है। दिनेश के इस कदम ने न सिर्फ सोल्जर्स आफ समग्र सोसायटी (एसओएस) का विश्वास कायम रखा है, बल्कि आगरा में ईमानदारी की एक नई मिसाल भी पेश की है।
यह पूरा मामला तब सामने आया, जब एक सवारी को गंतव्य तक छोड़ने के बाद दिनेश इस सवारी द्वारा यूपीआई के माध्यम से किया हुआ पेमेंट चैक कर रहे थे। तभी उनकी नजर इससे पहले उनके खाते में आई 15,000 रूपये की धनराशि पर पड़ी। इतना अधिक किराया नहीं हो सकता था तो संदेह हुआ। जैसे ही दिनेश को इस गलती का पता चला, उन्होंने एक पल की भी देरी नहीं की। उस नंबर पर फोन किया जिससे 15,000 रूपये उनके खाते में आए थे। यह नंबर एक महिला यात्री का था जिसने करीब छह महीने पहले उनके आटो में सफर किया था। इसके बाद महिला और उनके पति से फोन पर बात कर यह रकम आनलाइन ही लौटाई गई।
अंतरात्मा की आवाज सुनी
आगरालीक्स ने इस बारे में एसओएस के संरक्षक डॉ. नवीन गुप्ता से बात की तो उन्होंने कहा कि दिनेश ने अंतरात्मा की आवाज सुनी और अपनी असाधारण ईमानदारी का परिचय दिया। उसने तुरंत इस राशि को उसके असली मालिक को आनलाइन ही लौटा दिया। यह घटना प्रेरणादायक है।
'यह पैसा मेरा नहीं था'
वहीं आगरालीक्स ने आटो चालक दिनेश से भी बात की। उन्होंने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए कहा, 'यह पैसा मेरा नहीं था, यह किसी और की मेहनत की कमाई थी। अगर मैं यह राशि अपने पास रख लेता, तो मुझे चैन नहीं मिलता।' एक वाक्या शेयर करते हुए दिनेश ने कहा कि 'दो साल पहले ऐसे ही आनलाइन ट्रांजेक्शन में उनसे गलती से 2,000 रूपये चले गए थे। वापस नहीं मिले। इसलिए वे जानते थे कि मेहतन की कमाई जाने पर कैसा लगता है।'
दंपति ने व्हाट्स एप पर मैसेज भेजकर जताया आभार
वहीं जिस दंपति का यह पैसा था उन्होंने दिनेश को धन्यवाद देते हुए कहा कि ऐसी ईमानदारी आज के दौर में बहुत कम देखने को मिलती है। हम दिनेश भाई का दिल से आभार जताते हैं कि उन्होंने हमारा नुकसान होने से बचा लिया। ऐसे लोग हमारे समाज का गौरव हैं।