आगरालीक्स… आगरा के डॉक्टरों ने कहा कि खुशी होगी अगर हम इस दिवाली एक दिया स्वच्छता के नाम भी जलाएं। यह वक्तव्य स्वच्छता के प्रति सजग रहने वालीं रेनबो आईवीएफ की डा. निहारिका मल्होत्रा ने रेनबो हॉस्पिटल में स्वच्छता सर्वे के अंतर्गत कहीं।
सिकंदरा स्थित रेनबो हॉस्पिटल में दीपावली के शुभ अवसर पर स्वच्छता सर्वे कराया गया। यह सर्वे जेपी जेपी पैलेस होटल और कन्वेंशन सेंटर ने किया। यह एक पहला और अपने आप में अनूठा प्रयास था, जब शहर के किसी अस्पताल ने खुद यह जिम्मेदारी ली कि वह अपने यहां साफ-सफाई के स्तर और मानकों की परख कराए। इस प्रयास को सभी ने सहरा भी। जेपी होटल से आए हाउसिंग कीपिंग अफसरों में शैली गुप्ता और रेशुका ने आईसीयू, एनआईसीयू और ओपीडी परिसर से लेकर अस्पताल परिसर के कोने-कोने में स्वच्छता की परख की। स्वच्छता के सभी मानकों पर खरा उतरने पर उन्होंने अस्पताल प्रबंधन की काफी सराहना की। डा. निहारिका मल्होत्रा ने कहा कि एक कदम स्वच्छता की ओर…यह कोई मुश्किल काम नहीं है। बस जरूरत है हम सभी को स्वच्छता के इस संकल्प के प्रति प्रतिबद्ध होने की। शहर का कोई ऐसा कोना नहीं होना चाहिए, जहां गंदगी रहे। तब ऐसे जगमग शहर में मां लक्ष्मी सहर्ष पधारेंगी। जन-जन को आशीर्वाद प्रदान करेंगी। आज धनतेरस के शुभ अवसर पर यह संदेश रेनबो हॉस्पिटल ने शहरवासियों को देने की कोशिश है।
रेनबो हॉस्पिटल के निदेशक डा. नरेंद्र मल्होत्रा और रेनबो आईवीएफ की निदेशक डा. जयदीप मल्होत्रा ने कहा कि शहर को अगर साफ रखना है तो सरकारी तंत्र के साथ ही निजी सहभागिता भी जरूरी है। इसके लिए विभिन्न संगठनों को एक मंच पर आना होगा। हालांकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के तहत काफी प्रगति हुई है, लेकिन यह काफी नहीं हैं। हम सबको अपनी भागीदारी सुनिश्चित करनी होगी और इसकी इसी दिशा में रेनबो हॉस्पिटल का यह एक छोटा सा प्रयास है। डायटीशियन रेनुका डंग ने कहा कि अगर शहर साफ होगा तो बीमारियां भी कम होंगी। प्रदूषक तत्व धूल-मिट्टी के जरिए खाने-पीने की वस्तुओं में मिश्रित नहीं होंगे और यह हमारे स्वास्थ्य के लिए काफी लाभदायक होगा। सिर्फ सफाई से ही तमाम संक्रामक रोगों से बचा जा सकता है। वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डा. आरसी मिश्रा ने कहा कि शहर में जगह-जगह बिखरी गंदगी सफाई के प्रति हमारी नकारात्मक सोच को दर्शाता है। उन्होंने उपस्थित लोगों को स्वच्छता अभियान के लिए अपनी दिनचर्या से कुछ समय निकालने का संकल्प दिलाया। डा. ऋषभ बोरा और डा. केशव मल्होत्रा ने शहर को स्वच्छ बनाना है तो सबसे पहले शुरुआत अपने घर, फिर कार्य संस्थान और फिल कॉलोनी से करनी होगी। इसके बाद निर्णायकों ने सबसे स्वच्छ परिसर, स्वच्छता के प्रति सजग कर्मचारियों को पुरस्कार और सर्टिफिकेट प्रदान किए।
इस दौरान डा. मधुसूदन अग्रवाल, मेडिकल सुप्रिटेंडेंट डा. राजीव लोचन शर्मा, डा. वंदना कालरा, डा. मनप्रीत शर्मा, डा. शैमी बंसल, डा. आहद, हॉस्पिटल के मैनेजर्स में राकेश आहूजा, अमृतपाल सिंह चड्ढा, लवकेश गौतम, सुदीप पुरी, तरुण मैनी के साथ ही दीपक, नवनीत, केशवेंद्र सिसौदिया, मनोज सिंह धाकरे एवं समस्त स्टॉफ मौजूद रहा।