आगरालीक्स …Agra News: आगरा में सितंबर तक पूरा हो जाएगा सिविल टिर्मिनल का काम, आगरा से गोवा, सूरत, गुवाहाटी,जम्मू कश्मीर, वाराणसी के लिए भी फ्लाइट।
आगरा में धनौली में 144.07 एकड़ भूमि पर 441.79 करोड़ की लागत से आगरा सिविल टर्मिनल का काम चल रहा है। इसमें 33845 स्क्वायर मीटर में टर्मिनल बिल्डिंग, 400 वाहनों की क्षमतायुक्त 16810 स्क्वायर मीटर स्थान में मल्टीलेवल पार्किंग, 200 कार की क्षमतायुक्त सर्फेस पार्किंग,2379 स्क्वायर मीटर में यूटिलिटी ब्लॉक,19 चैक इन काउंटर, 12 ई- चैक इन काउंटर,06 सिक्योरिटी काउंटर,03 फुल बॉडी स्कैनर,03 एरो ब्रिज,06 एस्केलेटर, 12 एलिवेटर्स,33 इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग स्टेशन,500 किलोवॉट क्षमता का सोलर पॉवर प्लांट,22 डिजी यात्रा डिवाइसेज, ग्राउंड वाटर रिचार्ज सिस्टम,रेन वाटर हार्वेस्टिंग, वाटर ट्रीटमेंट प्लांट प्रस्तावित हैं। टर्मिनल भवन से एयरक्राफ्ट में सीधे प्रवेश हेतु यात्री बोर्डिंग सुविधा भी विकसित की जा रही है।
55 प्रतिशत काम हुआ पूरा
बुधवार को केंद्रीय मंत्री प्रो.एसपी सिंह बघेल ने आगरा एयरपोर्ट सलाहकार समिति के सदस्यों के साथ निर्माणाधीन सिविल टर्मिनल का निरीक्षण किया। निरीक्षण में बताया गया कि प्रोजेक्ट की 55 प्रतिशत भौतिक प्रगति पूर्ण है,जिसमें बेसमेंट के कार्य में समय ज्यादा लगा है।अब कार्य तेजी से संपन्न होगा,उन्होंने बताया कि 30 सितंबर 2026 तक पूर्ण कर हैंडओवर कर दिया जाएगा।
55 प्रतिशत काम हुआ पूरा
बैठक में आगरा हवाई अड्डा सलाहकार समिति समिति के सदस्यगण, जिला प्रशासन, वायु सेना, केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल, इंडिगो एयरलाइन्स आदि के वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे। बैठक में एयरपोर्ट पर नागरिक सुविधाओं को बढ़ाने, आगरा से गोवा, सूरत, गुवाहाटी,जम्मू कश्मीर, बौद्ध सर्किट हेतु वाराणसी इत्यादि के लिए फ्लाइट की सुविधा प्रदान किए जाने पर विस्तृत चर्चा की गई तथा बैठक में विभिन्न सुझावों को रखा गया।हवाई अड्डे के आर्थिक सलाहकार समिति की बैठक में सीआईएसएफ के सहायक कमांडेंट ने सीआईएसफ बल सदस्यों के रहने व सुरक्षा संबंधित उपकरण इत्यादि के रखरखाव के लिए 5 एकड़ जमीन का भी मुद्दा उठाया क्योंकि इस बड़े एयरपोर्ट में सीआईएसएफ की संख्या बढ़कर 250 हो जाएगी इसके लिए अभी तक जमीन आवंटित नहीं की गई है ।
एयरपोर्ट निर्माण स्थल धनौली गांव को नगर निगम की परिधि में लाए जाने का भी आश्वासन दिया।जिससे कि एयरपोर्ट के आस-पास के एरिया का सर्वांगीण विकास हो सके।