आगरालीक्स…आगरा में निकली भव्य श्री खाटू श्याम जी फाल्गुन महोत्सव शोभायात्रा. श्याम नाम के जयघोष से गुंजायमान हुआ आगरा, अलौकिक झांकियों ने मोहा मन
भक्ति, उल्लास और आस्था का विराट स्वरूप उस समय देखने को मिला जब मंगलवार को श्री मनकामेश्वर मंदिर, रावत पाड़ा से श्री श्याम प्रभु की भव्य शोभायात्रा प्रारंभ हुई। “हारे के सहारे” और “श्याम बाबा की जय” के गगनभेदी जयघोषों के बीच हजारों श्रद्धालु निशान हाथों में लेकर नंगे पांव पदयात्रा करते हुए नगर भ्रमण पर निकले। भव्य आरती के साथ केंद्र राज्य मंत्री प्रो एसपी सिंह बघेल, विधायक पुरषोत्तम खंडेलवाल, विधानसभा सदस्य विजय शिवहरे, लॉयंस क्लब इंटरनेशनल के पूर्व निदेशक जितेन्द्र चौहान, भाजपा महानगर अध्यक्ष राजकुमार गुप्ता ने शोभायात्रा का शुभारंभ किया। शोभायात्रा राम बारात मार्ग, जौहरी बाजार, सुभाष बाजार, दरेसी, मोतीगंज, कचहरी घाट, बेलनगंज एवं जीवनी मंडी होते हुए श्री खाटू श्याम जी मंदिर पहुंची। मार्ग में सैंकड़ों स्थानों पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा, इत्र एवं गुलाल से स्वागत कर वातावरण को भक्तिमय बना दिया।
इस वर्ष लगभग 50 से 60 भव्य एवं सजीव झांकियां शोभायात्रा में सम्मिलित हुईं, जिन्होंने धार्मिक प्रसंगों को साकार कर दिया। गणेश जी, महालक्ष्मी, कैला देवी, शिव परिवार की झांकी, जगन्नाथ जी, आदियोगी, शिव डमरू, सालासर बालाजी, गोवर्धन जी महाराज की झांकी, नासिक एवं पुणे से आए विशेष बैंड दलों की मधुर धुनों, ढोल-नगाड़ों की गूंज, चंग की धमाल, महाकाल की सवारी एवं काली के अखाड़े ने शोभायात्रा को अद्वितीय स्वरूप प्रदान किया। हजारों पुरुष श्रद्धालु सफेद कुर्ता-पायजामा और महिलाएं गुलाबी साड़ी के ड्रेस कोड में अनुशासित पंक्तियों में चल रही थीं। हाथों में लहराते निशान और मुख पर श्याम नाम का उत्साह पूरे नगर को भक्ति के रंग में रंग रहा था। शोभायात्रा के अंतिम पड़ाव जीवनी मंडी स्थित मातंगी टावर पर शोभायात्रा का विशेष स्वागत किया गया।
खाटू मंदिर में हुआ श्याम बाबा का अद्भुत श्रृंगारजब थाईलैंड के दुर्लभ पुष्पों की सुगंध और बेंगलुरु के मेवा से सजे अलंकरण के मध्य जीवनी मंडी स्थित श्री खाटू श्याम जी मंदिर में श्याम बाबा विराजे, तो ऐसा प्रतीत हुआ मानो स्वयं रिंगस का दिव्य दरबार साकार हो उठा हो। रंग-बिरंगे फूलों से सजा दरबार, आकर्षक रोशनी की छटा और सुगंधित वातावरण ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया। बाबा का मुखमंडल दिव्य आभा बिखेर रहा था और भक्त भाव-विभोर होकर नयन भर दर्शन कर रहे थे।