एटालीक्स..रिश्वत के आरोप में एटा के सीडीओ निलंबित. आंगनबाड़ी भर्ती में प्रति नियुक्ति 10 हजार रुपये लेने की बात आई सामने. शासन ने लिया एक्शन
एटा के मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र को शासन ने निलंबित कर दिया गया है. उन पर आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका भर्ती में प्रति नियुक्ति 10 हजार रुपये मांगने का आरोप है. इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसमें सीडीओ एक कर्मचारी से प्रति नियुक्ति 10 हजार रुपये देने की बात करते हुए दिख रहे हैं. वीडियो सामने अने के बाद शासन ने कार्रवाई करते हुए सीडीओ को निलंबित कर दिया है और उन्हें लखनऊ मुख्याल से संबद्ध किया गया है. अवैध धनराशि मांगने के उत्तरदायीराज्यपाल की ओर से प्रमुख सचिव सौरभ बाबू की ओर से जारी किए गए आदेश में बताया गया कि एटा के मुख्य विकास अधिकारी नागेन्द्र नारायण मिश्रा द्वारा आंगनवाड़ी कार्यकत्रियों चयन में रिश्वत लेने की योजना बनाने एवं आंगनवाडी कार्यकत्री व सहायिका की भर्ती प्रक्रिया पोर्टल पर फीडिंग के अनुसार पत्रावली तैयार कर हस्ताक्षर हेतु प्रस्तुत करने पर प्रति आंगनवाड़ी कार्यकत्री पद के हिसाब से अवैध धनराशि की मांग हेतु प्रथम दृष्टया उत्तरदायी पाये गये हैं. मिश्रा द्वारा किया गया उक्त कृत्य घोर अनुशासनहीनता / कदाशयता का परिचायक है. इस प्रकार नागेन्द्र नारायण मिश्रा मुख्य विकास अधिकारी एटा द्वारा अपने कर्तव एवं दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही बरती गयी है. प्रकरण की जांच के लिए आरोपी सीडीओ के खिलाफ उ0प्र0 सरकारी सेवक (अनुशासन एवं अपील) नियमावली, 1999 के नियम - 7 अन्तर्गत अनुशासनिक कार्यवाही संस्थित की जाती है.