आरगालीक्स…400 करोड़ में बने उत्तरी बाईपास को अनदेखा कर हाइवे से शहर में घुस रहे भारी वाहन. जानें इसका कारण, मानवाधिकार आयोग ने भी मांगा स्पष्टीकरण
बीते साल आगरा परिक्षेत्र को उत्तरी बाईपास के रूप में एक नई सौगात मिली थी. करीब 400 करोड़ की लागत से बने इस उत्तरी बाईपास को इस उद्देश्य से बनाया गया था कि वाहन चालकर आगरा शहर की तरफ न आकर रैपुरा जाट से होकर इस बाईपास के जरिए एक्सप्रेस वे से खंदौली के लिए जा सकते हैं. यहां से भारी वाहन अलीगढ़ तथा कानपुर के लिए बिना रुकावट के जा सकते हैं. वहीं भारी वाहनों का आगमन शहर के अंदर कम हो, इसके लिए इस उत्तरी बाईपास का निर्माण कराया गया है.मानवाधिकार आयोग ने मांगा स्पष्टीकरण
400 करोड़ की लागत से बने इस उत्तरी बाईपास का वाहन चालक प्रयोग नहीं कर रहे हैं और वो हाइवे होकर शहर में प्रवेश कर रहे हैं और यहां से अलीगढ़ व कानपुर के लिए जा रहे हैं. इससे शहर में हादसे और जाम की समस्या बढ़ रही है. इसको लेकर मानवाधिकार आयोग ने सख्त रुख अपनाया है. आयोग ने एनएचएआई से स्पष्टीकरण व पुन: अनुपालन आख्या तलब की है. इसकी अगली सुनवाई 17 मई को होगी.
उत्तरी बाईपास के उपयोग न होने का मुद्दा वरिष्ठ अधिवकता एवं सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता केसी जैन ने उठाया था. इस पर उत्तर प्रदेश मानवाधिकार आयोग ने 6 फरवरी को सुनवाई की थी. आयेाग ने हाइवे प्रशासन को इसके तहत आवश्यक अधिसूचना जारी करने केे लिए निर्देशित किया था, जिससे वाहन उत्तरी बाईपास से निकलें. एनएचएआई से 16 मार्च तक रिपोर्ट मांगी गई थी लेकिन 17 मार्च तक अनुपालन रिपोर्ट पेश नहीं की गई. जिस पर आयेाग ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगा है और 6 मई तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए कहा है.
20 मिनट में रैपुरा जाट से खंदौलीउत्तरीबाईपास 14 किमी लंबा है. मथुरा के रैपुराजाट से वाहन खंदौली तक महज 20 मिनट में इस बाईपास से होकर पहुंच रहे हैं. इस बाईपास को आगरा दिल्ली हाइवे के चैनल नंबर 174 से यमुना एक्सप्रेस वे के चैनल नंबर 141 से जोड़ा गया है.
टोल की वजह से घबरा रहे लोग
इतना अच्छा और समय को बचाने वाले इस उत्तरी बाईपास पर फिर भी जाने से वाहन चालक डर रहे हैं. उनकी गति को टोल टैक्स ने ब्रेक लगा दिया है. दरअसल मथुरा से आने वाले वाहन को इस बाईपास से खंदौली तक जाने के लिए दो टोल प्लाजा पार करने होंगे और उनकी फीस भी देनी होगी. मथुरा से रैपुरा जाट आने पर सबसे पहले फरह टोल प्लाजा मिलेगा और फिर उत्तरी बाईपास से यमुना एक्सप्रेस वे होकर खंदौली जाने के लिए खंदौली टोल प्लाजा पड़ेगा.
इस तरह जेब होगी दो बार ढीली
उदाहरण के तहत अगर कोई कार मथुरा से आती है तो उसे पहले फरह टोल प्लाजा पर एनएच का टोल 105 रुपये देना होगा. रैपुरा जाट से यदि वो कार उत्तरी बाईपास से जाती है तो 14 किमी के बाद कार यमुना एक्सप्रेस वे पर आ जाएगी और फिर उसे खंदौली जाने के लिए यहां से 8 किमी दूर खंदौली टौल प्लाजा पर 165 रुपये का टोल देना होगा. इसके बाद ही कार आगे बढ़ सकेगी.
आगरा महानगर में ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने के लिए उत्तरी बाईपास का प्रयोग करने के लिए भारी वाहन चालकों से अपील की गई. अलीगढ़, कानपुर आदि जगह जाने वाले सभी भारी वाहनों को उत्तरी बाईपास का प्रयोग करने के लिए कहा गया है. उत्तरी बाईपास के लिए फिरोजाबाद से NH-19 पर आगरा शहर की तरफ आते हुए भारी वाहनों को कुबेरपुर इंटरचेंज के ऊपर Inner Ring Road तथा छलेसर चौकी से पहले यमुना एक्सप्रेस वे पर चढ कर उत्तरी बाईपास तक जाने के लिए संकेतांक बैनर लगाए गए हैं. बीते दिनों मंडलायुक्त की बैठक में ज्ञात हुआ कि अधिकांश वाहन अभी भी उत्तरी बाईपास का प्रयोग नहीं कर रहे हैं तथा NHAI के रास्ते शहर के अंदर से जा रहे हैं जो उचित नहीं है. तथ्यों का अध्ययन करने पर यह प्रकरण में आया कि अधिकांश वाहन स्वामियों को वाहन चालकों को अभी ज्ञात ही नहीं है कि उत्तरी बाईपास पर चढ़कर वह लखनऊ,कानपुर, अलीगढ़ की तरफ जा सकते हैं.