आगरालीक्स…आगरा में मंदिर और पेड़ों के आसपास छोड़े गए पुराने घड़ों से बनाए पक्षियों के लिए घोंसले और जलपात्र…भीषण गर्मी से पक्षियों को बचाने की पहल
आगरा में इस समय भीषण गर्मी पड़ रही है. तापमान लगातार 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक चल रहा है. गर्मी के कारण न सिर्फ मनुष्य बल्कि पशु पक्षी भी बेहाल हैं. पृथ्वी दिवस के अवसर पर पर्यावरणविद् डॉ. अनुराधा चौहान ने एक सराहनीय और अनोखी पहल करते हुए लोगों को प्रकृति संरक्षण का सशक्त संदेश दिया। उन्होंने वन विभाग, नगर वन क्षेत्र में मंदिर और पीपल के पेड़ों के आसपास पूजा के बाद छोड़े गए पुराने घड़ों (कलश) को एकत्रित किया. इन घड़ों को साफ-सुथरा कर आकर्षक तरीके से रंगा गया और फिर उन्हें पक्षियों के लिए घोंसले और पानी के पात्र में बदल दिया गया. यह पहल न केवल कचरे के पुनः उपयोग का बेहतरीन उदाहरण है, बल्कि भीषण गर्मी में पक्षियों के जीवन को बचाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है.वन दरोगा उमेश ने लोगों से अपील की कि पूजा के बाद अपने कलश को नदियों, मंदिरों या पेड़ों के नीचे न छोड़ें. इसके बजाय, उन्हें घर या आसपास कहीं सुरक्षित स्थान पर पानी भरकर रखें, ताकि गर्मी में पक्षियों को राहत मिल सके. उन्होंने कहा, “तेज गर्मी में पक्षियों के लिए दाने से ज्यादा पानी जरूरी होता है.” इस अवसर पर वन विभाग के कर्मी अखिलेश व शिवनारायण वन संरक्षक, उपस्थित रहे और इस पहल की सराहना की.