आगरालीक्स…Agra News: आगरा के फूड एक्सपो में सामने आया कि रसोई में तीन बार से अधिक उपयोग खाद्य तेल से विमान का ईंधन बायोफ्यूल तैयार हो सकता है। 15 हजार से अधिक विजिटर्स आए, शुगर-फ्री आलू के उत्पादन पर जोर।
आगरा के होटल जेपी पैलेस में तीन दिनों तक उद्योग, नवाचार, उद्यमिता और भारतीय खाद्य परंपरा का महाकुंभ के बने उत्तर प्रदेश फूड एक्सपो एवं कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया। अंतिम दिन उद्योग जगत, खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र, कर विशेषज्ञों, निर्यातकों, किसानों और उद्यमियों का अभूतपूर्व संगम देखने को मिला। सात राज्यों से आए 150 से अधिक स्टॉलों और तीन दिनों में 15 हजार से अधिक विजिटर्स की सहभागिता ने इस आयोजन को पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े फूड एवं एमएसएमई आयोजनों में शामिल कर दिया। समापन दिवस पर आयोजित विभिन्न सत्रों में खाद्य प्रसंस्करण, कोल्ड चेन, निर्यात, कर व्यवस्था, तकनीकी नवाचार, खाद्य सुरक्षा और उद्यमिता के विविध आयामों पर गहन चर्चा हुई।
खाना बनाने के तेल से भी बन सकता है विमान ईंधन
उद्यमी सुशील वैष्णव ने बताया कि रसोई में तीन बार से अधिक उपयोग किए गए खाद्य तेल से बायोफ्यूल तैयार किया जा सकता है। यह पर्यावरण अनुकूल ईंधन है और विमानन क्षेत्र में भी इसका उपयोग किया जा रहा है। इससे प्रदूषण कम करने में मदद मिलती है। मुख्य अतिथि नवरत्न अग्रवाल, डायरेक्टर, बीकानेरवाला फूड्स प्राइवेट लिमिटेड ने कहा कि सफलता का मूल मंत्र केवल व्यापार नहीं बल्कि व्यापार में सेवा और अध्यात्म का समावेश है। उन्होंने कहा कि उनके परिवार ने बीकानेर से दिल्ली आकर बेहद छोटे स्तर से कार्य शुरू किया था। रसगुल्ले बेचने से शुरू हुई यात्रा आज वैश्विक पहचान बन चुकी है। उन्होंने कहा कि यदि उत्पाद इस भावना से तैयार किया जाए कि वह ग्राहक नहीं बल्कि परमात्मा के लिए बनाया जा रहा है, तो गुणवत्ता अपने आप सर्वोत्तम हो जाती है।
उन्होंने कहा कि कर्मचारी परिवार का हिस्सा हैं और ग्राहक परमात्मा का स्वरूप है। जितना अधिक कार्य करेंगे, उतना ही आत्मविश्वास बढ़ेगा। भय और संकोच को त्यागकर आगे बढ़ना चाहिए। जीवन को सही ढंग से जीना सीख लिया जाए तो सफलता निश्चित है। युवा नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि रोजगार देने वाले बनने का संकल्प लें। चैंबर के संरक्षक एवं बीएन ग्रुप के चेयरमैन अजय अग्रवाल ने कहा कि आगरा क्षेत्र के किसानों को शुगर-फ्री आलू के उत्पादन पर विशेष ध्यान देना चाहिए। उन्होंने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण उद्योग में ऐसे आलू की मांग लगातार बढ़ रही है और यह चिप्स एवं अन्य वैल्यू एडेड उत्पादों के लिए अत्यंत उपयुक्त है। आगरा कोल्ड स्टोरेज ओनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष भुवेश अग्रवाल ने प्रस्तावना रखते हुए कहा कि कृषि उत्पादन का पर्याप्त प्रसंस्करण अभी भी नहीं हो पा रहा है। किसानों को पारंपरिक खेती से आगे बढ़कर प्रोसेसिंग वैरायटी फसलों की ओर प्रेरित करने की आवश्यकता है। इससे किसानों की आय और उद्योग दोनों को लाभ मिलेगा।
कोल्ड चेन, स्मार्ट पैकेजिंग और सरकारी योजनाओं पर हुआ मंथन
प्रथम सत्र में "खेत से खपत तक : कोल्ड चेन, वेयरहाउसिंग एवं स्मार्ट पैकेजिंग की भूमिका", "खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र हेतु अनुदान एवं सरकारी योजनाएं", "खाद्य प्रसंस्करण उद्योग की वर्तमान चुनौतियां एवं भविष्य की संभावनाएं" तथा "निर्यात संवर्धन एवं वैश्विक अवसर" विषयों पर विशेषज्ञों ने विचार रखे। सीए आरके जैन ने विभिन्न सरकारी योजनाओं, अनुदानों और वित्तीय सहायता कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। द्वितीय सत्र में आईसीएआई आगरा शाखा के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में जीएसटी, नए आयकर अधिनियम, वित्तीय नियोजन और अनुपालन संबंधी विषयों पर चर्चा हुई। सत्र का संचालन सीए निखिल गर्ग और सीए आलोक अग्रवाल के नेतृत्व में किया गया। तृतीय सत्र में नेशनल चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड कॉमर्स द्वारा उद्योग, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार संगोष्ठी आयोजित की गई।नेशनल चैंबर के अध्यक्ष मनोज बंसल ने कहा कि फूड प्रोसेसिंग ऐसा उद्योग है जो हर मौसम में रोजगार और व्यापार के अवसर प्रदान करता है। फूड एक्सपो जैसे आयोजन केवल एक संस्था को नहीं बल्कि पूरे शहर की अर्थव्यवस्था को मजबूती प्रदान करते हैं। सहायक आयुक्त खाद्य महेंद्र श्रीवास्तव, खाद्य सुरक्षा अधिकारी सर सैयद हैदर अली, पूर्व अध्यक्ष सीताराम अग्रवाल, अम्मा प्रसाद गर्ग, राजेश गोयल, विनय मित्तल और राजेश अग्रवाल ने भी अपने विचार रखे। काइला ग्रुप के संदीप काइला ने बताया कि फूड एक्सपो के माध्यम से उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी व्यापारिक अवसर प्राप्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि वियतनाम और सिंगापुर के व्यापारिक प्रतिनिधियों ने उनसे संपर्क किया है और निर्यात संबंधी संभावनाओं पर चर्चा हुई है।
महिला सशक्तिकरण, युवा रोजगार और किसान समृद्धि का माध्यम है खाद्य प्रसंस्करण
समापन एवं सम्मान समारोह की मुख्य अतिथि जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया ने कहा कि महिला सशक्तिकरण, युवाओं को रोजगार और किसानों की समृद्धि वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और खाद्य प्रसंस्करण उद्योग इन तीनों उद्देश्यों को एक साथ पूरा करने की क्षमता रखता है। कहा कि अन्नदाता किसान की समृद्धि के बिना देश की खाद्य सुरक्षा संभव नहीं है। तमाम चुनौतियों और प्रतिबंधों के बावजूद खाद्य प्रसंस्करण उद्योग लगातार आगे बढ़ रहा है। आने वाले वर्षों में यह उद्योग देश की अर्थव्यवस्था में 1274 बिलियन डॉलर से अधिक का योगदान देकर भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। समापन अवसर पर सफल आयोजन में सहयोग देने वाली प्रमुख औद्योगिक इकाइयों एवं संस्थाओं को स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। इनमें प्रमुख रूप से बीएन ग्रुप, मुंशी पन्ना मसाला, महेश एडिएबल ऑयल, भगत हलवाई, श्री दाऊजी, लेसी, काइला इंस्ट्रुमेंटल, श्री श्याम बाबा पैकर्स, आगरा सेल्स एंड एक्सपोर्ट, ओम साईं एग्रो फूड, डबल त्रिशूल, चौबे जी मसाले, गुरुजी मसाले, बालाजी पैकर्स, परम डेयरी, ज्ञान घी, पारस घी, आरबी हसमत राय एंड कंपनी, आरबी हींग, परवाह आता, कुमार डेयरी सहित अनेक प्रतिष्ठान शामिल रहे।
15 हजार से अधिक विजिटर्स, हजारों व्यावसायिक ऑर्डर प्राप्त हुए
समापन अवसर पर अध्यक्ष राजकुमार भगत ने बताया कि तीन दिवसीय आयोजन में उत्तर प्रदेश सहित सात राज्यों से 150 से अधिक स्टॉलों ने भाग लिया तथा 15 हजार से अधिक विजिटर्स ने एक्सपो का भ्रमण किया। आयोजन के दौरान हजारों व्यावसायिक पूछताछ और ऑर्डर प्राप्त हुए, जिससे उद्योग जगत में नए व्यापारिक अवसरों का मार्ग प्रशस्त हुआ है। उन्होंने घोषणा की कि अगले वर्ष यह आयोजन और भी बड़े एवं भव्य स्वरूप में आयोजित किया जाएगा। महासचिव अनुज सिंघल ने कहा कि फूड एक्सपो ने उद्योग, सरकार, वित्तीय संस्थानों और उद्यमियों के बीच एक मजबूत संवाद मंच प्रदान किया है। महासचिव अनुज सिंघल ने कहा कि फूड एक्सपो ने उद्योग, सरकार, वित्तीय संस्थानों और उद्यमियों के बीच एक मजबूत संवाद मंच प्रदान किया है। वहीं मुख्य सलाहकार मनीष अग्रवाल ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश, तकनीक और बाजार की नई संभावनाओं को जोड़ने में यह आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम संचालन रीनेश मित्तल ने किया। वहीं मुख्य सलाहकार मनीष अग्रवाल ने कहा कि खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में निवेश, तकनीक और बाजार की नई संभावनाओं को जोड़ने में यह आयोजन मील का पत्थर साबित होगा। कार्यक्रम संचालन रीनेश मित्तल ने किया। इस अवसर पर नितिन अग्रवाल, सिद्धार्थ चतुर्वेदी, आशीष गर्ग, सिद्धार्थ अग्रवाल, सीएस अनुज अशोक, सीए आरके जैन, एडमिनिस्ट्रेटर अपरार्क शर्मा, दिलीप कुमार, अनिल सविता, राम शर्मा, आरबी हसमत राय एंड कंपनी, आरबी हींग, परवाह आटा, कुमार डेयरी आदि उपस्थित रहे।