आगरालीक्स…आगरा में यमुना तट पर हरिनाम संकीर्तन, द्वादश ज्योतिर्लिंग संग सजी दिव्य कथा नगरी. भव्य कथा मंडपम ने श्रद्धालुओं को कराया ब्रजधाम का अनुभव….
ब्रज की पावन भूमि और ब्रज के प्रमुख वनों में वर्णित अग्रवन यानी आज का आगरा इन दिनों आध्यात्मिक आस्था के महाकुंभ का साक्षी बना हुआ है। श्री मनःकामेश्वर मंदिर मठ द्वारा यमुना तट ताज व्यू गार्डन फेस 1 पार्किंग एरिया, यमुना किनारा रोड पर आयोजित श्रीमद्भागवत ज्ञान यज्ञ का कथा मंडपम अपनी दिव्यता, भव्यता और सांस्कृतिक प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को अलौकिक आनंद प्रदान कर रहा है। मंडपम के प्रवेश द्वार पर विशाल कमल के मध्य विराजमान श्रीनाथजी का स्वरूप तथा दोनों ओर स्थापित द्वादश ज्योतिर्लिंग श्रद्धालुओं को ब्रजधाम की अनुभूति करा रहे हैं। सोमवार को श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ भगवान गणेश के पूजन के साथ हुआ। आचार्य सुरेंद्र गौतम के सानिध्य में 11 ब्राह्मणों ने वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अनुष्ठान संपन्न कराया। कथा व्यास श्री महंत योगेश पुरी ने व्यासपीठ से कथा का शुभारंभ किया।श्री महंत योगेश पुरी ने ‘चिदानंद रूपः शिवोहम शिवोहम’ का महत्व समझाते हुए कहा कि परम आनंद स्वयं के भीतर है और कथा मनुष्य को उसी आत्मबोध तक पहुंचाती है। उन्होंने कहा कि आज समाज को श्री कृष्ण जैसी नीति और धर्म का मार्ग दिखाने वाले नेतृत्व की आवश्यकता है। उन्होंने शास्त्रों को धर्म का संविधान बताते हुए कहा कि कथा श्रवण के लिए तन और चित्त दोनों की शुद्धि आवश्यक है।
पुरुषोत्तम मास का महत्व बताते हुए उन्होंने कहा कि आधुनिक गणना 365 दिनों की है, जबकि वैदिक गणित के अनुसार समय संतुलन के कारण प्रत्येक तीन वर्ष में अधिक मास आता है, जो ईश्वर भक्ति के लिए अत्यंत पावन अवसर है। उन्होंने दान, भीख और दीक्षा का अंतर भी स्पष्ट किया। कथा के मध्य करतल ध्वनि, संगीत और सामूहिक भजन ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। “श्री कृष्ण गोविंद हरे मुरारी” मंत्र के जप से पूरा मंडपम हरिनाम से गूंज उठा।
प्रातः बाल संस्कार शिविर आयोजित हुआ, जिसमें गीता परिवार आगरा मंडल के राजीव गुप्ता पार्थ द्वारा बच्चों को गीता ज्ञान दिया गया। दीप्ति गर्ग ने महिलाओं को योग प्रशिक्षण दिया। इसके बाद श्रद्धालुओं ने रुद्राभिषेक में भाग लिया।
दैनिक यजमानों ने किया व्यास पूजन
दैनिक यजमान के रूप में गोपाल बंसल, शालिनी बंसल, सोनू गुप्ता, सीमा गुप्ता, विनोद गुप्ता, सरोज गुप्ता, सुमित गुप्ता एवं श्वेता गुप्ता ने व्यास पूजन किया।
प्रतिदिन शाम 7 बजे यमुना आरती
मठ प्रशासक हरिहर पुरी ने बताया कि मंगलवार को कुंती स्तुति, भीष्म स्तुति एवं शुकदेव जी प्राकट्य प्रसंग का श्रवण कराया जाएगा। उन्होंने बताया कि प्रतिदिन कथा के पश्चात शाम 7 बजे यमुना नदी की दिव्य आरती होती है, जिसका मनोरम दृश्य कथा मंडपम को अलौकिक बना देता है।