आगरालीक्स…आगरा के प्राचीन सीताराम मंदिर में 8 जून से शुरू होगी श्रीमद्भागवत महापुराण कथा. 151 महिलाओं की मंगल कलश यात्रा के साथ होगा शुभारंभ…
प्राचीन सीताराम मंदिर, वजीरपुरा में 8 जून से 15 जून तक आयोजित होने जा रही श्रीमद्भागवत महापुराण कथा के आमंत्रण पत्र का विमोचन समारोह शनिवार को मंदिर परिसर में श्रद्धा एवं भक्तिभाव के साथ संपन्न हुआ। कथा का आयोजन पितरों की पुण्य स्मृति को समर्पित रहेगा। कार्यक्रम संयोजक मनीष अग्रवाल ने बताया कि पुरुषोत्तम मास भगवान विष्णु को अत्यंत प्रिय माना गया है। इस पावन मास में किए गए जप, तप, दान, कथा श्रवण और धर्मकार्य का फल अनेक गुना बढ़कर प्राप्त होता है। उन्होंने कहा कि श्रीमद्भागवत महापुराण कथा को पितरों की स्मृति एवं उनके प्रति कृतज्ञता भाव से समर्पित करना सनातन परंपरा का महत्वपूर्ण अंग है। कथा श्रवण से प्राप्त पुण्य का समर्पण पितृदेवों के कल्याण का माध्यम बनता है तथा परिवार में सुख, शांति और समृद्धि का मार्ग प्रशस्त होता है।उन्होंने बताया कि कथा व्यास पूज्य गुरुदेव भागवताचार्य चैतन्य हरिचरत जी महाराज (गोवर्धन धाम) होंगे। प्रतिदिन दोपहर 3 बजे से सायं 7 बजे तक श्रद्धालु कथा श्रवण कर धर्म, भक्ति एवं आध्यात्मिक ज्ञान का लाभ प्राप्त करेंगे।
महंत अनंत उपाध्याय ने कहा कि पुरुषोत्तम मास को सभी महीनों में श्रेष्ठ माना गया है। इस मास में श्रीमद्भागवत कथा का श्रवण मनुष्य के जीवन को पवित्र बनाता है तथा भगवान की कृपा प्राप्त करने का श्रेष्ठ साधन है। उन्होंने कहा कि जब कथा, यज्ञ और भक्ति का पुण्य पितरों को समर्पित किया जाता है तो यह केवल पूर्वजों के प्रति श्रद्धांजलि ही नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक एवं पारिवारिक विरासत के प्रति सम्मान का भी प्रतीक होता है। पितरों की प्रसन्नता से वंश में सुख, शांति और उन्नति का संचार होता है।