आगरालीक्स…स्वर्ण जयंती के एसी कोच में बिना टिकट यात्रा कर रहे थे रॉटविलर्स. शिकायत के बाद अलीगढ़ स्टेशन पर उतारे गए. मालिक को देना पड़ गया. 2290 रुपये जुर्माना..जानें नियम
झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस के एसी कोच में बिना बुकिंग के रॉटविलर्स डॉग्स यात्रा कर रहे थे. यात्रियों की शिकायत के बाद इन्हें अलीगढ़ स्टेशन पर उतार लिया गया. जांच की गई तो पता चला कि मालिक बिना बुकिंग कराए इनको ले जा रहा था. जुर्माना भरने के बाद कुत्तों को उनके स्वामी के हवाले कर दिया गया.टूंडला कंट्रोल रूम के आरपीएफ को सूचना मिली कि दिल्ली से आ रहे गाड़ी संख्या 12874 झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस डाउन के ए/2 कोच में एक यात्री बिना टिकट के तीन कुत्ते और एक पिल्ले के साथ यात्रा कर रहा हे. सूचना पर अलीगढ़ स्टेशन पर आरपीएफ के उप निरीक्षक उमेशचंद्र जेम्स, सहायक उप निरीक्षक नरेंद्र सिंह ने एसी कोच की चेकिंग की. इतने में एक व्यक्ति एक कुत्ते के साथ कोच से उतरा ओर कोच कंडक्टर भी उतर गया. थोड़ी देर में ट्रेन चली तो चलती गाड़ी में वह व्यक्ति् अपने कुत्ते के साथ दोबारा चढ़ गया. इस पर कोच कंडक्टर ने भी दौड़ते हुए ट्रेन पकड़ ली. कुछ देर बाद दो कुत्ते प्लेटफार्म 3—4 पर घूमते दिखे. इन कुत्तों को अलीगढ़ पर उतार दिया गया था.
आरपीएफ ने उन्हें पकड़कर बंद कर दिया. इसके बाद उन्हें पार्सल क्लर्क अंकित कुमार के हवाले कर दिया. जब कुत्ते के स्वामी को टूंडला पर जानकारी मिली कि उसके दो कुत्ते अलीगढ़ में उतार दिए गए हैं तो वह अलीगढ़ वापस लौटा. उसने अपना नाम मनीष्ज्ञ सिंह पुत्र विजय सिंह निवासी रातू रोड सूर्य पुरी बैंक कॉलोनी, रांची झारखंड बताया. उसने बताया कि वह कुत्तों के बीमार होने पर दिल्ली इलाज कराने आया था. पुलिस ने दो कुत्तों की बिना बुकिंग सफर करने पर 2290 रुपये जुर्माना वसूला और फिर उनको उनके मालिक मनीष सिंह को दे दिया. हिदायत भी दी कि कुत्ते को बुक कराने के बाद ही यात्रा कर सकते हैं. कुत्तों की यह प्रजाति जर्मनी की है और खतरनाक श्रेणी में आती है.जानें नियम
अपने साथ केबिन/कूप में (फर्स्ट AC): यदि आप अपने कुत्ते को अपनी आँखों के सामने रखना चाहते हैं, तो आपको फर्स्ट क्लास AC का पूरा केबिन या कूप बुक करना होगा. एक पीएनआर (PNR) पर केवल एक ही पालतू जानवर ले जाने की अनुमति होती है.
डॉग बॉक्स में (ब्रेक वैन/SLR): यदि आप सामान्य श्रेणी में यात्रा कर रहे हैं, तो आप कुत्ते को ट्रेन में लगेज वैन (जिसे डॉग बॉक्स भी कहते हैं) में ले जा सकते हैं. यह एक सुरक्षित जगह होती है, लेकिन आपको अपने कुत्ते के खाने-पीने का ध्यान खुद रखना होगा.
आपके कुत्ते का पूरा टीकाकरण होना अनिवार्य है. यात्रा के समय डॉक्टर से मिला वैक्सीनेशल सर्टिफिकेट हमेशा अपने साथ रखें.
डॉग बॉक्स में भेजने पर भी मालिक का उसी ट्रेन में सफर करना अनिवार्य है.
अगर आपका कुत्तो एसी प्रथम केबिन में आपके साथ है तो ध्यान रखें कि उसे अन्य यात्रियों को कोई परेशानी न हो.
बिना बुकिंग के यात्रा करते पकड़े जाने पर आपके कुत्ते को उतारा जा सकता है और जुर्माना भी लग सकता है