आगरालीक्स…आजकल घूमने और समय बिताने के लिए लोग जा रहे तीर्थ स्थल…तीर्थ स्थलों पर संयमित आचरण ही सच्ची श्रद्धा का प्रतीक..लायर्स कॉलोनी राधा कृष्ण मंदिर में चल रही भागवत कथा
आचार्य नरोत्तम शास्त्री ने आज लॉयर्स कॉलोनी के राधा कृष्ण मंदिर में चल रही भागवत के तीसरे दिन तीर्थ स्थान में भक्तों से अति संयमित आचरण का आह्वान किया। कथा में बताया गया कि तीर्थों में केवल घूमने या समय बिताने से फल नहीं मिलता। तीर्थ का वास्तविक फल तब मिलता है जब मनुष्य अपनी इंद्रियों पर संयम रखे और वहां जाकर चुगली या सांसारिक बुराइयों से दूर रहकर भगवान का ध्यान करे।
पत्नी के चरित्र को समझाया
व्यास पीठाधीश्वर ने विदुर और उनकी पत्नी के चरित्र के माध्यम से भारतीय संस्कृति में एक आदर्श 'धर्मपत्नी' के महत्व को समझाया। उन्होंने विदेश और भारत की जीवनशैली में अंतर बताते हुए पतिव्रता नारी के त्याग और समर्पण की महिमा का भी वर्णन किया। महाराज जी ने बहुत ही सुंदर तरीके से समझाया कि 'सुख' और 'दुख' कोई बाहरी वस्तु नहीं हैं, बल्कि यह हमारे मन की स्थिति है। उन्होंने एक कहानी के माध्यम से बताया कि मन की अनंत इच्छाएं ही दुख का मुख्य कारण हैं। जब तक मनुष्य का मन गोविंद (भगवान) के चरणों में नहीं लगता, तब तक वह संसार में कहीं भी अशांत ही रहेगा। सीए अशोक दीक्षित और आस्था दीक्षित द्वारा आयोजित कथा में महाराज जी ने बताया कि कल कथा में नंद महोत्सव (कृष्ण जन्म) का प्रसंग होगा, जिसमें सभी भक्तों को गोपी और ग्वाले के भाव में सम्मिलित होने के लिए आमंत्रित किया गया है।