आगरालीक्स.. आगरा आई स्वास्थ्य राज्य मंत्री से डॉक्टरों ने क्लीनिक एस्टेब्लिशमेंट एक्ट का विरोध किया, उन्होंने कहा कि फ्री दवाओं की तरह जांच की सुविधा भी स्वास्थ्य केंद्रों पर उपलब्ध कराई जाएगी। इसे देखते हुए नई स्वास्थ्य नीति 2017 में कई बदलाव किए गए हैं।
बुधवार को एक कार्यक्रम में आई केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि कहा देशभर के 1.50 लाख स्वास्थ्य केन्द्रों को वेलनेस सेंटर में बदला जाएगा। गुणवत्ता परक स्वास्थ्य सेवाएं कम खर्च में जनता को मिले, इसके लिए सरकार गंभीर है। उन्होंने बीमारियों की पहचान के लिए डाइग्नोसिस की उपयोगिता में एक्यूरेसी की बात कही। उन्होंने कहा कि प्राइवेट सेक्टर में नई-नई डाइग्नोसिस सेवाएं शुरू होने से एक्यूरेसी बढ़ेगी।
उधर, केन्द्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण राज्य मंत्री अनुप्रिया पटेल के समक्ष इंडियन मेडिकल एसोसिएशन प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को सर्किट हाउस में क्लीनिकल एस्टब्लिशमेंट एक्ट के विरोध में ज्ञापन सौंपा। कहा कि एक्ट व्यवहारिक नहीं है। उन्होंने एक्ट में संसोधन की मांग की। वहीं इस संबंध में केन्द्रीय मंत्री ने प्रतिनिधिमंडल की बात सरकार तक पहुंचाने की बात कही। इस दौरान डॉ रवि पचौरी, डॉ सुनील शर्मा, डॉ डीवी शर्मा, डॉ अशोक शिरोमणि आदि मौजूद रहे।