आगरालीक्स…अगर शादी नहीं करनी थी तो रिश्ता खत्म क्यों नहीं किया? साइकोलॉजिस्ट समझने की कोशिश कर रहे दिमाग में क्या चला होगा, कहा गहरी साइकोएनालिटिक समझ की जरूरत
पुणे के कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत के मामले में मंगेतर सिया गोयल की गिरफ्तारी के बाद कई सवाल उठ रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह कि शादी नहीं करनी थी तो हत्या क्यों की ? रिश्ता खत्म भी तो किया जा सकता था। इस सवाल के जवाब में आगरा में भी साइकोलॉजिस्ट चिंतन—मंथन में लगे हैं।मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पुणे के 26 साल के कारोबारी केतन अग्रवाल की मौत को पहले हादसा माना गया था। लेकिन पुलिस जांच में मामला कथित हत्या में बदल गया। पुलिस का आरोप है कि केतन की मंगेतर सिया गोयल और उसके कथित प्रेमी चेतन चौधरी ने मिलकर उन्हें लोनावला के लोहागढ़ किले से करीब 400 फीट गहरी खाई में धक्का दिया। दोनों आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं। मामले की जांच जारी है और अंतिम फैसला अदालत करेगी।
इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है। अगर शादी नहीं करनी थी, तो रिश्ता खत्म क्यों नहीं किया? साइकोलॉजिस्ट और बिहेवियर साइंटिस्ट डॉ. नवीन गुप्ता का मानना है कि यह केस समाज के लिए कई जरूरी सवाल खड़े करता है। कुछ लोगों के लिए यह चर्चा का विषय है और कुछ के लिए डर और चिंता पैदा करता है।
हालांकि, हमें पूरे समाज को एक जैसा मानने या जल्दबाजी में कोई नतीजा निकालने से बचना चाहिए।कोई फैसला लेने से पहले पूरे तथ्य सामने आने चाहिए। एक साइकोलॉजिस्ट के तौर पर, मेरा मानना है कि इस केस को और गहरी साइकोएनालिटिक समझ की जरूरत है।
हो सकता है कि कुछ अंदरूनी साइकोलॉजिकल वजहें रही हों जिनका ध्यान से आकलन करने की जरूरत है। यह कुछ कपल्स के लिए शादी से पहले साइकोलॉजिकल काउंसलिंग और आंकलन के महत्व को भी दिखाता है।
ऐसी गाइडेंस पार्टनर्स को शादी से पहले खुद को और एक-दूसरे को बेहतर ढंग से समझने में मदद कर सकती है। यह केस हमें यह सोचने के लिए भी हिम्मत देता है कि हम शादियों को कैसे मनाते हैं। बहुत ज्यादा दिखावे के बजाय, शादियों में सादगी, मूल्यों और इस पवित्र रिश्ते के सही मतलब पर जोर देना चाहिए।