आगरालीक्स ….आगरा में एमजी रोड की दीवारों पर पेटिंग को लेकर एक नया विवाद खडा हो गया है, स्कूल के बच्चों ने पेटिंग की, डूडा ने पेंटिंग और मरम्मत का बिल 15 करोड बना दिया। मीडिया में मामला आने के बाद सफाई दी जा रही है कि 15 लाख को गलती से 15 करोड लिख दिया गया है। हालांकि, डीएम ने डूडा से बिल से संंबंधित दस्तावेज मांगे हैं।
आगरा में एमजी रोड का भगवान टॉकीज से प्रताप पुरा तक सौंदर्यीकरण किया गया है, इसके लिए दीवारों की पेंटिंग और फुटपाथ का काम चल रहा है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, दीवारों की मरम्म्त, पेंटिंग और फुटपाथ के लिए नगरीय विकास अभिकरण डूडा ने डीएम गौरव दयाल को 15 करोड का बिल भेजा, इसका भुगतान एडीए द्वारा पथकर निधि से होना है। इस बिल को देख सभी के होश उड गए।
बच्चे और संस्थाओं ने की पेंटिंग
एमजी रोड पर भगवान टॉकीज से प्रताप पुरा तक दीवारों की पेंटिंग का काम 50 स्कूलों के बच्चों और समाजसेवी संस्थाओं द्वारा किया गया। ये संस्थाएं अपने साथ रंग भी लेकर आईं थी। ऐसे में डूडा के 15 करोड के बिल पर सवाल उठ रहे हैं।
15 लाख हो गया 15 करोड
मीडिया से डीएम गौरव दयाल का कहना है कि डूडा द्वारा भेजे गए प्रस्ताव में टाइम करते समय गडबडी हुई है, 15 लाख के बिल को 15 करोड लिख दिया गया है। इसे 15 लाख करा दिया गया है।
दीवारों पर विज्ञापन पर भी उठे थे सवाल
एमजी रोड पर पेटिंग को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। बच्चों और संस्थाओं द्वारा की गई पेटिंग के बीच मे ब्लॉक में विज्ञापन की पेंटिंग करा दी गई थी। यह मामला उठने के बाद उसे हटा दिया गया। अब यह दूसरा मामला सामने आया है।
इसे लेकर भी तमाम तरह के सवाल उठ रहे हैं, डूडा द्वारा 15 लाख का बिल 15 करोड रुपये क्यों कर दिया गया।