आगरालीक्स…’वृक्षो रक्षति रक्षितः।’ अर्थात जो वृक्षों की रक्षा करता है, वृक्ष उसकी रक्षा करते हैं, आगरा के इस क्षेत्र में ‘कदम्बखंडी’ सहित राधारानी के प्रिय ‘तमाल’ के 300 पौधे विकसित किए गए हैं, प्रकृति प्रेमियों ने दिए हरियाली बढ़ाने के सुझाव
आगरा के पालीवाल पार्क में हाल ही में आयोजित हुआ वृक्षारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम कई मायनों में खास था। इस अभिनव पहल के जरिए एक ओर जहां प्रशासनिक और वन अधिकारियों ने प्रकृति प्रेमियों के प्रयासों और उनकी संजीदगी को समझा तो वहीं दूसरी ओर तमाम ऐसे सुझाव भी निकलकर सामने आए हैं, जिनसे शहर में हरित आवरण को बढ़ाया जा सकता है। कदम्ब का वृक्षारोपण एवं कदम्बखण्डी का अवलोकन22 जुलाई को आयोजित हुए पौधारोपण एवं पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम में प्रभागीय वन अधिकारी (सामाजिक वानिकी) राजेश कुमार एवं सरकारी उद्यान अधीक्षक रजनीश पाण्डेय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। इसमें पर्यावरण संरक्षण, हरित आवरण में वृद्धि तथा सार्वजनिक उद्यानों के संरक्षण एवं विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। अतिथियों एवं प्रातः भ्रमणकर्ताओं द्वारा संयुक्त रूप से कदम्ब के पौधे का रोपण कर किया गया। इसके पश्चात सभी ने प्रातः भ्रमणकर्ताओं के सहयोग से विकसित कदम्बखण्डी का भ्रमण किया।
इस विशिष्ट स्थल पर भगवान श्रीकृष्ण के प्रिय कदम्ब तथा राधारानी के प्रिय तमाल के 300 से अधिक पौधे विकसित किए गए हैं। यह प्रयास जनसहभागिता एवं पर्यावरण संरक्षण का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। प्रभागीय वनाधिकारी राजेश कुमार ने इस अभिनव पहल की सराहना करते हुए कहा कि समाज की सक्रिय भागीदारी से ही पर्यावरण संरक्षण के लक्ष्य प्रभावी रूप से प्राप्त किए जा सकते हैं।
टीटीजेड क्षेत्र में वनावरण बढ़ाने के लिए नई सोच की आवश्यकता
चर्चा के दौरान यह तथ्य सामने रखा गया कि ताज ट्रेपेजियम जोन (टीटीजेड) में वर्तमान वनावरण लगभग 3 प्रतिशत है, जो पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत कम है। इस पर विचार व्यक्त किया गया कि केवल सरकारी भूमि पर वृक्षारोपण से अपेक्षित परिणाम प्राप्त नहीं होंगे। जब तक निजी भूमि स्वामियों को बड़े स्तर पर वृक्ष लगाने के लिए प्रेरित एवं प्रोत्साहित नहीं किया जाएगा, तब तक वनावरण में उल्लेखनीय वृद्धि संभव नहीं है।
यह सुझाव भी रखा गया कि वन विभाग एवं टीटीजेड प्राधिकरण को सर्वोच्च न्यायालय के समक्ष वर्तमान व्यवस्थाओं एवं आदेशों की समीक्षा हेतु आवश्यक प्रार्थना करनी चाहिए, जिससे निजी भूमि पर वृक्षारोपण को अधिक प्रोत्साहन मिल सके। इस सुझाव पर प्रभागीय वनाधिकारी राजेश कुमार ने सकारात्मक विचार करने का आश्वासन दिया।
वृक्षारोपण अभियान में पारदर्शिता समय की आवश्यकता
पर्यावरण प्रेमी एवं अधिवक्ता केसी जैन ने कहा कि वृक्षारोपण अभियान केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि पौधों के संरक्षण, उनकी जीवित रहने की स्थिति तथा उनकी नियमित निगरानी की जानकारी भी सार्वजनिक रूप से उपलब्ध कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज के एक वर्ग में सरकारी वृक्षारोपण अभियानों के प्रति विश्वास का अभाव दिखाई देता है। यदि सम्पूर्ण प्रक्रिया पारदर्शी होगी, तो जनविश्वास बढ़ेगा तथा पर्यावरणीय मामलों में अनावश्यक विवादों एवं शंकाओं में भी कमी आएगी।
प्रत्येक वृक्ष पर नामपट्ट एवं QR कोड लगाने का सुझाव
केसी जैन ने सुझाव दिया कि सार्वजनिक उद्यानों एवं प्रमुख सड़कों पर लगे प्रत्येक वृक्ष पर स्थानीय नाम, वानस्पतिक (बोटेनिकल) नाम तथा QR कोड सहित आकर्षक नामपट्ट लगाए जाएं। QR कोड स्कैन करने पर उस वृक्ष की प्रजाति, आयु, औषधीय उपयोग, पर्यावरणीय महत्व, पुष्प एवं फल आने का समय तथा अन्य वैज्ञानिक जानकारी उपलब्ध हो सके। उन्होंने कहा कि इससे विशेष रूप से नई पीढ़ी प्रकृति से जुड़ेगी तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
विलायती बबूल हटाकर देशी प्रजातियों को बढ़ावा देने पर सहमति
बैठक में विलायती बबूल के विषय पर भी गंभीर चर्चा हुई। बताया गया कि यह आक्रामक विदेशी प्रजाति पालीवाल पार्क के अतिरिक्त शाहजहाँ गार्डन, सर्किट हाउस परिसर, यमुना किनारा मार्ग के पार्कों तथा संजय प्लेस स्थित संजय पार्क सहित अनेक सार्वजनिक स्थलों पर फैली हुई है।
यह भी उल्लेख किया गया कि टीटीजेड प्राधिकरण पहले ही निर्णय ले चुका है कि ऐसी विदेशी एवं आक्रामक प्रजातियों को चरणबद्ध ढंग से हटाकर उनके स्थान पर देशी एवं पर्यावरण के अनुकूल वृक्ष लगाए जाएँ। इस विषय पर प्रभागीय वनाधिकारी राजेश कुमार एवं उद्यान अधीक्षक रजनीश पाण्डेय ने प्राधिकरण के निर्णय के अनुरूप आवश्यक कार्यवाही करने का आश्वासन दिया।
जनभागीदारी से ही सफल होगा हरित अभियान
कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्रतिभागियों ने इस बात पर बल दिया कि पर्यावरण संरक्षण केवल सरकारी विभागों का दायित्व नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की सहभागिता इसके लिए आवश्यक है। वृक्षारोपण तभी सार्थक होगा जब लगाए गए पौधों का वर्षों तक संरक्षण एवं संवर्धन भी सुनिश्चित किया जाए।
विशिष्ट जनों एवं प्रातः भ्रमणकर्ताओं की उल्लेखनीय सहभागिता
कार्यक्रम में श्री किशोर जैन, डॉ. संजीव गोयल, प्रख्यात पर्यावरणविद् डॉ. मुकुल पंड्या, डॉ. मानसी राय, डॉ. अनिल अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में प्रातः भ्रमणकर्ताओं, पर्यावरण प्रेमियों एवं नागरिकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। सभी ने पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण तथा शहर को अधिक हरित एवं स्वच्छ बनाने के लिए सामूहिक प्रयास करने का संकल्प लिया।