आगरालीक्स…अजीब है पर यह भी एक अपील है, ‘नाले—नालियों में पॉलीथिन फेंकने वालों से बहस न करें, उनके लिए तालियां बजाएं’, पढें किस बात से आहत टीम एसओएस और क्यों घबराए ‘गंदगी पसंद’ लोग ?
घर और दुकान के बाहर कचरा और पॉलिथिन नाले—नालियों में फेंकने वाले सावधान हो जाएं, नगर निगम आपसे जुर्माना वसूले न वसूले मगर आस—पास खड़ा कोई व्यक्ति आपको शर्मिंदा जरूर कर सकता है। आगरा की टीम एसओएस यानि सोल्जर्स आफ सोसायटी ने यह अनौखी पहल शुरू की है। संस्थापक डॉ. नवीन जैन का कहना है कि बरसात का मौसम शुरू हो चुका है। पॉलिथिन के कारण नालियां जाम हो रही हैं। यह वही पॉलिथिन है जिसे हम आम खरीददारी में घर लेकर आते हैं और फिर कहीं भी सड़क पर या अपने घरों के बाहर नाले—नालियों में फेंक देते हैं। अपनी थोड़ी-सी सुविधा के लिए हम अक्सर समाज और पर्यावरण पर पड़ने वाले दुष्प्रभावों को नजरअंदाज़ कर देते हैं। उन्होंने शहर वासियों से आग्रह किया कि अपने आस—पास वे यदि किसी भी व्यक्ति को नालों में पॉलिथिन फेंकता देखे तो विरोध या झगड़ा करने की जगह ऐसे व्यक्ति के लिए ताली बजाए, ताकि उसे शर्मिंदगी का अहसास हो और यह समझ आ सके कि उसकी यह आदत समाज और पर्यावरण के लिए कितनी हानिकारक है।हालांकि उन्होंने यह भी साफ किया कि इस तरह की अनूठी कार्रवाई का मकसद लोगों में डर और जिम्मेदारी की भावना पैदा करना है ताकि वे शहर को साफ रखने में मदद करें। यही वजह है कि टीम एसओएस के लोग जब भी किसी को नाले—नालियों में पॉलिथिन या कूड़ा फेंकते देखते हैं तो वे ताली बजाते हैं न कि उनसे बहस करते हैं।