आगरालीक्स…आगरा में कुत्तों को मारना और कॉलोनी से बाहर भगाना कोई समाधान नहीं. आगरा के पशु प्रेमियों ने कहा—यह आपराधिक कृत्य…जानें क्या है कानूनी प्रावधान
अक्सर ऐसी घटनाएं सामने आती रहती है जिनमें लोग क्षेत्र में रहने वाले कुत्तों को न सिर्फ मारते हैं बल्कि उन्हें क्षेत्र से बाहर करने की भी कोशिशें करते हैं. आगरा में भी कई बार ऐसी घटनाएं सामने आई हैं जिनको लेकर पशु प्रेमियों ने न सिर्फ आक्रोश प्रकट किया है बल्कि ऐसा न करने की अपील भी की है. ऐसा ही एक और मामला शास्त्रीपुरम की एक कॉलोनी से आया है जिसमें सामुदायिक कुत्तों के साथ कथित रूप से क्रूर व्यवहार तथा उन्हें उनके क्षेत्र से भगाने की घटना हुई है. इसके फोटो एवं वीडियो भी आए हैं जिसमें कुछ व्यक्तियों द्वारा कुत्तों को डंडों से डराने/मारने एवं उनके रहने वाले क्षेत्र से बाहर भगाने का प्रयास किया गया. इसका विरोध करने वाले पशु-प्रेमियों के साथ भी कथित रूप से अभद्र एवं अपमानजनक व्यवहार किया गया. इस संबंध में आगरा के पशु प्रेमियों का कहना है कि सामुदायिक कुत्तों के साथ हिंसा या उन्हें मनमाने ढंग से उनके क्षेत्र से हटाना समाधान नहीं है. कानून के अनुसार उनका मानवीय प्रबंधन, sterilisation, vaccination तथा निर्धारित प्रक्रिया के बाद उसी locality में release किया जाना चाहिए. हालीांकि अभी इस घटना के संबंध में किसी विभाग/अधिकारी को औपचारिक शिकायत नहीं दी गई है. ABC Rules, 2023 में क्या है प्रावधानकेंद्र सरकार द्वारा अधिसूचित Animal Birth Control Rules, 2023 के तहत पकड़े गए स्ट्रीट/सामुदायिक कुत्तों की sterilisation और immunisation की जाती है और स्वस्थ होने के बाद उन्हें उसी स्थान/इलाके में वापस छोड़ा जाना है, जहां से उन्हें पकड़ा गया था। Rule 11(8) में रिकॉर्ड/पहचान के माध्यम से उसी क्षेत्र में वापसी सुनिश्चित करने तथा Rule 11(19) में उसी स्थान या locality में release करने का स्पष्ट प्रावधान है. अतः सामुदायिक कुत्तों को केवल सोसायटी से हटाने के उद्देश्य से मनमाने ढंग से पकड़कर किसी दूसरे क्षेत्र में छोड़ना ABC Rules में निर्धारित capture–sterilisation–immunisation–release प्रक्रिया के अनुरूप नहीं है.
पशुओं के साथ क्रूरता पर कानूनी प्रावधान
Prevention of Cruelty to Animals Act, 1960 की Section 11 के अंतर्गत पशु को पीटना, लात मारना, प्रताड़ित करना अथवा उसे अनावश्यक दर्द या पीड़ा पहुंचाने वाले कृत्य कानून के दायरे में आते हैं. केंद्र सरकार का Animal Welfare Division PCA Act और ABC Rules, 2023 दोनों को आधिकारिक रूप से प्रकाशित करता है. इसके अतिरिक्त, यदि किसी पशु को जानबूझकर मार दिया जाता है, जहर दिया जाता है, अपंग (maim) किया जाता है अथवा अनुपयोगी बना दिया जाता है, तो भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 325 के तहत अधिकतम 5 वर्ष की कैद, जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है.