आगरालीक्स जिंदगी और मौत से जूझ रहे गंभीर मरीजों की जान अंगदान कर बचाई जा सकती है। भारत में हर तीन मिनट में मरीज के लिए अंग की जरूरत। इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणवीर सिंह त्यागी ने अंगदान जागरूकता के लिए पोस्टर का किया विमोचन।
इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. रणवीर सिंह त्यागी ने शुक्रवार को सिकंदरा बाईपास स्थित सिनर्जी प्लस हॉस्पिटल में इंडियन सोसाइटी ऑफ क्रिटिकल केयर मेडिसिन द्वारा पोस्टर का विमोचन किया गया। वर्ल्ड ऑर्गन डोनेशन डे 13 अगस्त को मनाया जाता है, जबकि भारतीय अंगदान दिवस (इंडियन ऑर्गन डोनेशन डे) 3 अगस्त को मनाया गया। 31 अगस्त को समापन समारोह का आयोजन किया जाएगा जिसमें शहर के प्रबुद्ध वर्ग को अंगदान के प्रति जागरूक करने के साथ शहर वासियों से अंगदान की अपील की जाएगी। इसका उद्देश्य लोगों को अंगदान करने के लिए प्रेरित करना और इससे जुड़े भ्रमों को दूर करना है। इस माह में स्कूल, कॉलेज, विभिन्न समिति, सामाजिक संगठन और विभागों के सहयोग से अभियान चलाकर लोगों को अंगदान के प्रति जागरूक किया जा रहा है। डॉ. राकेश त्यागी, डॉ. अरविंद यादव, डॉ. रजनीश मिश्रा, डॉ. दीप्तिमाला अग्रवाल द्वारा संयुक्त रूप से किया गया।
दान कर सकते हैं अंग
अंगदान दो प्रकार से होता है। जीवित रहते हुए (जैसे एक किडनी या लीवर का कुछ हिस्सा) और मृत्यु (मस्तिष्क मृत्यु या ब्रेन डेड) के बाद।
दान करने वाले मुख्य अंगों में किडनी, लीवर, हृदय, फेफड़े, अग्न्याशय और आंतें और ऊतकों में कॉर्निया (आंखें), त्वचा, हड्डियां और हृदय के वाल्व शामिल हैं।