आगरालीक्स… आगरा में मंगलवार को निजी हॉस्पिटल और क्लीनिक पर गंभीर मरीजों को इलाज नहीं मिलेगा, डॉक्टर हडताल पर रहेंगे। नेशनल मेडिकल कमीशन बिल के विरोध में आईएमए की देशव्यापी हडताल में आईएमए, आगरा के डॉक्टर सुबह छह से शाम छह बजे तक मरीज नहीं देखेंगे। डॉक्टरों की आईएमए भवन तोता का ताल पर बैठक होगी।
मेडिकल काउंसिल आॅपफ इंडिया की जगह नेशनल मेडिकल कमीशन एनएमसी का गठन किया गया है, इसके लिए दो जनवरी को बिल पेश किया जाएगा। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन द्वारा देश भर में एनएमसी का विरोध किया जा रहा है। डॉक्टरों का कहना है कि एनएमसी लागू होने से एमबीबीएस की पढाई महंगी होने के साथ ही इलाज भी महंगा हो जाएगा। एनएमसी के गठन के लिए डॉक्टरों की सलाह नहीं ली गई है, पहले बनाए गए कानूनों की तरह यह भी कमरे में बैठक तैयार कर लिया गया है। एनएमसी का नेत्रत्व भी आईएएस करेंगे, जिससे डॉक्टर और मरीजों की समस्याओं को कम करने के बजाय बढाने के लिए कानून बनाए जाएंगे।
आईएमए आगरा के डॉक्टर रहेंगे हडताल पर
एनएमसी के विरोध में आईएमए आगरा के डॉक्टर सुबह छह से शाम छह बजे तक हडताल पर रहेंगे। इसे लेकर सोमवार को बैठक बुलाई गई। इसमें देशव्यापी हडताल का समर्थन किया गया। सुबह से डॉक्टर क्लीनिक और हॉस्पिटल बंद रखेंगे। आईएमए भवन तोता का ताल पर एकत्रित होंगे, यहां जनरल बॉडी मीटिंग होगी और दोपहर एक बजे प्रेसवार्ता की जाएगी।
शाम को खुलेंगे क्लीनिक
12 घंटे की हडताल के बाद शाम छह बजे से क्लीनिक और हॉस्पिटल खुलेंगे, इसके बाद ही मरीज देखे जा सकेंगे।
एसएन में डॉक्टरों की छुटटी से मरीज होंगे परेशान
निजी क्लीनिक और हॉस्पिटल बंद होने से एसएन और जिला अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ जाएगी। एसएन में डॉक्टर सर्दी की छुटटी पर हैं, इससे वहां भी मरीजों को इलाज नहीं मिल सकेगा।
एनएमसी के विरोध में देशव्यापी हडताल के तहत सुबह छह से शाम छह बजे तक निजी क्लीनिक और हॉस्पिटल बंद रहेंगे। अभी आईएमए के प्रतिनिधिमंडल की बैठक स्वास्थ्य मंत्री जेपी नडडा ने बुलाई है, सकारात्मक बात न होने पर हडताल बढ सकती है।
डॉ रवि पचौरी, अध्यक्ष आईएमए आगरा