आगरालीक्स…आगरा में शुरू हुआ गणेशोत्सव. छोटे-छोटे बच्चों ने भगवान श्री गणेश की विभिन्न मनमोहक झांकियों और साज-सज्जा से मोहा मन…
गणेश चतुर्थी और हिदी दिवस के अवसर पर स्वामी लीला शाह सरस्वती शिशु मंदिर, सोरों कटरा, शाहगंज, आगरा पर गणेशोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान गणपति और माँ सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करके किया गया। कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में एस एन गर्ग, नीता गर्ग संस्कार भारती महानगर मंत्री, लेखिका भावना वरदान शर्मा, दीपा गोस्वामी प्रबंध समिती सदस्य एवं हेमलता उपस्थित रहे। छोटे-छोटे बच्चों ने भगवान श्री गणेश की विभिन्न मनमोहक झांकियों और साज-सज्जा से सभी का मन मोह लिया। बच्चों ने इको-फ्रेंडली गणेश, मिट्टी से बने गणेश और विभिन्न रूपों में गणेश जी की प्रतिमाएं सजाई।
इस अवसर पर प्रधानाचार्य गिर्राज दीक्षित जी ने स्वागत उद्बोधन में कहा भगवान गणेश बुद्धि, समृद्धि और शुभ कार्यों के देवता हैं। हमें उनसे सीख लेकर अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहिए। इस अवसर पर लेखिका भावना वरदान ने बच्चों को गणेश चतुर्थी के महत्व के बारे में बताया और हिंदी दिवस पर वक्तव्य में भारतेंदु हरिश्चंद्र की पंक्तियां सुनाई- निज भाषा उन्नति अहै, सब उन्नति को मूल, बिन निज भाषा ज्ञान के, मिटन न हिय के सूल”। हिंदी के महत्व के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा 14 सितंबर 1949 को हिंदी को राजभाषा का दर्जा मिलने की याद में यह दिन चुना गया। अंग्रेजी के बढ़ते प्रभाव के बीच देश में हिंदी भाषा के उपयोग को बढ़ावा देना ज़रूरी है । विद्यार्थियों को मातृभाषा और संस्कृति से जोड़े रखना अत्यंत आवश्यक है । दीपा गोस्वामी ने जब महर्षि वेदव्यास ने महाभारत ग्रंथ की रचना करने के लिए गणेश जी से अनुरोध किया, तो लिखते-लिखते अचानक गणेश जी की लेखनी टूट गई। ऐसे में कथा का प्रवाह न रुके, इसलिए उन्होंने अपना एक दाँत स्वयं तोड़कर उससे लिखना जारी रखा। ज्ञान और कर्तव्य के प्रति इस महान समर्पण के कारण उनका नाम ‘एकदंत’ पड़ा।
डॉ राम प्रकाश चतुर्वेदी ने हिंदी पर कविता सुनाकर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया।”अंग्रेजी बड़ी भाषा तो कहता उर्दू, कोई हमारी है। सच बात तो हिन्दी बड़ी भाषा, ये ही सबकी नानी है।” कार्यक्रम में कार्यालय प्रमुख कविता दीक्षित. संचालन कर्ता कुमारी ललिता ,रश्मि जैन,अलका ,कुमारी भूमि औऱ सुधा के साथ साथ विधालय के छात्र छात्राएँ और अभिभावक उपस्थित रहे । अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों को पुरस्कृत किया गया और प्रसाद वितरण के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।