मथुरालीक्स दुखद, वृंदावन के महर्षि पाणिनि संस्कृत गुरुकुल में पानी का टैंक साफ करने उतरे चार छात्रों की मौत, एक ही हालत गंभीर, गुरुकुल संचालक फरार।
वृंदावन के चैतन्य विहार स्थित महर्षि पाणिनि संस्कृत गुरुकुल का एक साल से आचार्य आशीष संचालन कर रहे हैं। गुरुकुल में कक्षा छह से 12 वीं तक के छात्रों को संस्कृत पढ़ाई जाती है। इसके लिए अलग अलग राज्य से छात्र आते हैं, गुरुकुल में 100 छात्र पढ़ रहे हैं। गुरुकुल के पीछे 12 फीट गहरा पानी का टैंक बना हुआ था लेकिन करीब एक साल से बंद था। मंगलवार रात को टैंक की सफाई करने के लिए छात्रों से कहा।
मनु को बचाने में चार छात्र नीचे उतरे
सबसे पहले टैंक में जबलपुर के रहने वाले 20 साल के मनु कटारे उतरे, टैंक में उतरते ही जहरीली गैस बनने से तबीयत बिगड़ने लगी, उसे बचाने के लिए मेरठ के रहने वाले 18 साल के विशु शर्मा, कौशांबी के रहने वाले 18 साल के आर्यन पांडेय और विदिशा मध्य प्रदेश के रहने वाले 17 साल के देवांश शर्मा और रुद्र टैंक में उतर गए। एक के बाद पांच छात्र टैंक में उतरने के बाद उनकी तबीयत बिगड़ने लगी।
शोर मचाने पर स्थानीय लोगों ने बच्चों को बाहर निकाला
पांच छात्रों के टैंक से बाहर ना निकलने पर साथी छात्रों ने शोर मचा दिया। आस पास के लोग आ गए, टैंक से छात्रों को बाहर निकाला गया इसमें चार की मौत हो गई। जबकि रुद्र की हालत गंभीर है।
गुरुकुल संचालक मौके से फरार
आचार्य आशीष ने एक साल पहले गुरुकुल के लिए मकान को किराए पर लिया था और गुरुकुल में 200 बच्चों का पंजीकरण था जिसमें से 100 बच्चे हास्टल में रह रहे थे। आचार्य आशीष मौके से फरार हो गया। डीएम चंद्रप्रकाश सिंह का कहना है कि मजिस्ट्रेट से मामले की जांच कराई जा रही है जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।