आगरालीक्स… आगरा में कारोबारी पर गैंगस्टर लगाने के मामले में भाजपा विधायक और व्यापारियों के प्रदर्शन के बाद कार्रवाई की हैं। इस प्रकरण की विविचना कर रहे 2 आईओ को सस्पेंड कर दिया है।
शनिवार शाम को एसएसपी अमित पाठक ने प्रकरण की विवेचना करने वाले थाना एत्मादपुर के सब इंस्पेक्टर हरेंद्र मलिक और थाना सिकंदरा के दरोगा अरविंद कुमार निलंबित कर दिया है।

भाजपा विधायकों और व्यापारियों ने एसएसपी आवास को घेरा
शुक्रवार को कमला नगर निवासी इंडिया कास्टिंग हाउस परिवार के कोल्ड स्टोर संचालक विनोद अग्रवाल को पुलिस ने गैंगस्टर में अरेस्ट कर जेल भेज दिया था। इससे कारोबारी में आक्रोश है, शनिवार सुबह एससी आयोग के अध्यक्ष रामशंकर कठेरिया,मेयर नवीन जैन, विधायक जगन प्रसाद गर्ग, जीएस धर्मेश, हेमलता दिवाकर सहित कारोबारी एसएसपी अमित पाठक के कैंप कार्यालय पर पहुंच गए और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। उन्होंने एसएसपी से कारोबारी की रिहाई और गैंगस्टर लगाने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
ये है मामला
शुक्रवार को कमला नगर निवासी इंडिया कास्टिंग हाउस परिवार के विनोद अग्रवाल को न्यू आगरा पुलिस ने अरेस्ट कर जेल भेज दिया। विनोद अग्रवाल का हाथरस रोड पर कोल्ड स्टोर है। निखिल होम्स का मालिक शैलेंद्र अग्रवाल ने एक ही फ्लैट कई लोगों को बेचा था, ऐसे ही एक मामले में एक फ्लैट लोगों को बेचा गया था। एक खरीददार विनोद अग्रवाल भी थे। पहली रजिस्ट्री जिसे की गई थी उसने पिछले साल हरीपर्वत थाने में मुकदमा लिखाया था। मुकदमे में निखिल होम्स का मालिक शैलेंद्र अग्रवाल, उसका साला शैलेंद्र, विनोद अग्रवाल और विकास जिंदल भी नामजद थे।
हरीपर्वत पुलिस ने मुकदमे की जांच की। पुलिस ने इस मुकदमे में चार्जशीट लगा दी। विनोद अग्रवाल हाईकोर्ट से स्ट्रे ले आए।
गैंग का बना दिया सदस्य
इसी मुकदमे के आधार पर पुलिस ने विनोद अग्रवाल को शैलेंद्र अग्रवाल गैंग का सदस्य बनाया गया। गैंगचार्ट बना। जिसमें चार लोगों को रखा गया। शैलेंद्र अग्रवाल उसका साला शैलेंद्र, विनोद अग्रवाल और विकास जिंदल। गैंगस्टर का मुकदमा लिखा गया। गैंगस्टर जिलाधिकारी कार्यालय से मंजूर हो गया। मुकदमे की विवेचना न्यू आगरा थाने भेजी गई। न्यू आगरा एसएसआई जितेंद्र द्विवेदी ने विनोद अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया। शुक्रवार को उन्हें जेल भेज दिया गया।
मुकदमा दर्ज करने वाला भी हैरान
इस मामले में मुकदमा दर्ज कराने वाला पीड़ित भी हैरान हैं, उसने शैलेंद्र अग्रवाल के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। पीड़ितों का कहना है कि पुलिस ने विनोद अग्रवाल को फंसा दिया। विनोद अग्रवाल के परिजन वरिष्ठ अधिकारियों से इस संबंध में शिकायत कर चुके हैं।
पूरे प्रकरण की होगी जांच
मीडिया से एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि धोखाधड़ी का मुकदमा उनसे पहले का है। मामला गंभीर है। शिकायत मिली है। वह पूरे प्रकरण की जांच करा रहे हैं। विनोद अग्रवाल को गैंग का सदस्य कैसे बनाया इसकी भी गहराई से जांच कराई जाएगी।