आगरालीक्स…आगरा मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर पर 80 किमी रफ्तार से हुआ मेट्रो का ट्रायल. 959 यात्रियों के बराबर भार भी ट्रेन में लादा. आगरा कैंट से शुरू होगा द्वितीय कॉरिडोर
आगरा मेट्रो के द्वितीय कॉरिडोर पर प्री-RDSO (Research Designs and Standards Organisation/ अनुसंधान अभिकल्प और मानक संगठन) ऑसिलेशन टेस्टिंग का कार्य आज सफलतापूर्वक किया गया। यह परीक्षण डिपो के एंट्री रैंप से सदर बाजार मेट्रो स्टेशन के बीच किया गया। इस परीक्षण के जरिए यात्रियों के भार के साथ मेट्रो ट्रेन के प्रदर्शन, स्थिरता और तकनीकी व्यवहार का आंकलन किया गया। परीक्षण के दौरान ट्रेन में सैंड बैग रखकर वास्तविक यात्री भार जैसी स्थिति तैयार की गई। ट्रेन में कुल 959 यात्रियों के बराबर भार (लगभग 60-80 टन) रखा गया। इस दौरान मेट्रो ट्रेन को 80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की गति पर चलाया गया।

प्री-RDSO ऑसिलेशन टेस्टिंग मेट्रो ट्रेन के सुरक्षित एवं सुचारु संचालन की दिशा में एक महत्वपूर्ण तकनीकी प्रक्रिया है। इस परीक्षण के माध्यम से ट्रेन की विभिन्न परिचालन परिस्थितियों में स्थिरता और प्रदर्शन का आकलन किया जाता है। इस ट्रायल रन से मुख्यतः ट्रैक एवं सिविल संरचना (स्ट्रक्चर) की मजबूती एवं स्थिरता का आंकलन किया जाता है, जिसमें सब कुछ सही पाया गया एवं ये ट्रायल सफल रहा। यह परीक्षण आगरा मेट्रो के द्वितीय कॉरिडोर पर यात्री सेवाएं शुरू करने की तैयारियों में एक अहम कदम साबित हुआ।

आगरा मेट्रो का द्वितीय कॉरिडोर (आगरा कैंट से कालिंदी विहार) पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है। इस रूट आगरा कैंट, सदर बाजार, प्रतापपुरा और कलेक्ट्रेट मेट्रो स्टेशनों पर निर्माण कार्य किया जा रहा है। एमजी रोड से कालिंदी विहार तक के शेष हिस्से में भी सिविल निर्माण कार्य जारी है। संजय प्लेस, एमजी रोड, सुल्तानगंज क्रॉसिंग, कमला नगर, रामबाग, फाउंड्री नगर, मंडी समिति और कालिंदी विहार सहित प्रमुख क्षेत्रों में मेट्रो कनेक्टिविटी विकसित करने के लिए कार्य किया जा रहा है। आगरा मेट्रो का उद्देश्य शहर के प्रमुख व्यावसायिक, आवासीय एवं पर्यटन क्षेत्रों को आधुनिक, सुरक्षित और सुविधाजनक सार्वजनिक परिवहन से जोड़ना है। निर्माण कार्यों के साथ-साथ विभिन्न तकनीकी परीक्षणों के माध्यम से मेट्रो संचालन की तैयारियों को भी आगे बढ़ाया जा रहा है।