आगरालीक्स …आगरा के डीईआई नेहा शर्मा हत्याकांड में आरोपी उदय स्वरूप के अंतरिम जमानत के प्रार्थना पत्र को बल न देने के कारण निरस्त कर दिया है। अपर जिला जज अनमोल पाल ने स्वतंत्र लोक अभियोजन की नियुक्ति के लिए डीएम के माध्यम से प्रमुख सचिव को पत्र लिखने के आदेश दिए हैं। अगली सुनवाई 27 मार्च को होगी।
13 मार्च 2013 को नेहा शर्मा की बेरहमी से हत्या हुई थी। मामले में आरोपी उदय स्वरूप पिछले डेढ़ साल से जेल में बंद है। पुलिस ने पहले इसे रेप के प्रयास के दौरान हत्या माना था। सीबीआई ने डीएनए टेस्ट में रेप की पुष्टि के बाद उदय स्वरूप के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी। सीबीआई ने यशवीर संधू को क्लीनचिट् दी थी। लेकिन कोर्ट से यशवीर संधू को कोई राहत नहीं मिली। कोर्ट ने संधू के खिलाफ भी आरोप तय किए थे। नेहा के पिता रिचपाल शर्मा की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने एक स्वतंत्र अभियोजक (सरकारी वकील) उपलब्ध कराने के आदेश दिए हैं। वादी की ओर से स्वतंत्र अभियोजक के लिए प्रार्थना पत्र प्रस्तुत किया था। बुधवार को आरोपित उदय स्वरूप की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अचल शर्मा ने प्रार्थना पत्र प्रस्तुत कर कहा कि उदय को जून माह में सिविल सर्विसेज की परीक्षा देनी है। इसकी तैयारी के लिए उसे अंतरिम जमानत दिए जाने का आग्रह किया। आरोपित 21 माह से जिला जेल में बंद है।
चार साल पहले हत्या
डीईआई की बायो नैनो टेक्नोलॉजी लैब में 15 मार्च 2013 को शोध छात्रा नेहा शर्मा की रेप के बाद हत्या कर दी गई थी। पुलिस ने हत्या में डीईआई के बीएससी के छात्र उदयस्वरूप और लैब टेक्नीशियन यशवीर सिंह संधू को गिरफ्तार कर चार्जशीट दाखिल कर दी। सीबीआइ द्वारा कराई गई जांच में आरोपी उदय स्वरूप का डीएनए मैच हो गया। उदय के खिलाफ सीबीआइ ने चार्जशीट दायर की थी, जबकि संधू को क्लीन चिट दे दी। अदालत में दोनों आरोपियों पर आरोप तय हुए, इसके बाद उन्हें जेल भेज दिया। गवाही से पहले नेहा के पिता को आरोपी पक्ष से लगातार धमकियां मिल रही थीं। उनकी याचिका को सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार कर अग्रिम आदेश तक स्थानीय अदालत में सुनवाई को रोक दी है।
नेहा शर्मा हत्याकांड
– 15 मार्च 2013- शोध छात्रा की निर्मम हत्या। छात्रा की कार खेलगांव के पास सड़क पर लावारिस मिली।
22 अप्रैल 2013- परिस्थितिजन्य और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर उदयस्वरूप तथा यशवीर सिंह संधू को हत्या के आरोप में गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेज दिया।
12 जुलाई 2013- पुलिस की केस डायरी में हत्याकांड का चश्मदीद सामने आया।
18 जुलाई 2013- पुलिस ने दोनों हत्यारोपियों के खिलाफ चार्जशीट लगा दी।
22 जुलाई 2013- शोध छात्रा की पिता के प्रार्थनापत्र पर शासन ने केस सीबीआइ को स्थानांतरित कर दिया।
10 फरवरी 2014- हाईकोर्ट के आदेश पर उदय और संधू जेल से रिहा।
5 जनवरी 2016- सीबीआइ ने उदय स्वरूप के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी, मगर संधू को क्लीन चिट दे दी।
12 मई 2016- अदालत ने फिर उदयस्वरूप को जेल भेज दिया।
26 नवंबर 2016- उदय स्वरूप और यशवीर सिंह संधू पर कोर्ट में आरोप तय।
2 मई 2017- सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय अदालत में सुनवाई पर रोक लगाई।