आगरालीक्स… आगरा के डॉ भीमराव आंबेडकर विवि की एमए की छात्रा से छेडछाड और लूट के मामले में एनएसयूआई के चार पदाधिकारी सहित पांच पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस पांचों आरोपियों को अरेस्ट करने के प्रयास में जुटी है।
मंगलवार को विवि के आईएसएस संस्थान की फेयरबेल पार्टी के बाद एमए की छात्रा व छात्र संघ पदाधिकारी से छेडछाड, चेन लूटने की कोशिश और हाथ पकडकर खीचने की कोशिश की गई थी। इस मामले में विवि के चीफ प्रोक्टर डॉ मनोज श्रीवास्तव की तहरीर पर आरोपी छात्र नेता प्रमोद सिकरवार सहित चार अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था।
एनएसयूआई के चार पदाधिकारियों पर छेडछाड और लूट का आरोप
छात्रा ने चार अन्य छात्र नेताओं के नाम भी बता दिए हैं। इसके बाद थाना हरीपर्वत में एनएसयूआई के पूर्व महासचिव व एआईसीसी सदस्य अमित सिंह, पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष गौरव शर्मा, अंकित गौतम और सतीश सिकरवार के खिलाफ भी छेडछाड और लूट का मुकदमा दर्ज किया गया है। एबीवीपी ने आरोपी छात्र नेताओं को अरेस्ट करने के लिए पुलिस को 24 घंटे का समय दिया है।
एक दूसरे पर लगा रहे आरोप
पिछले दिनों एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने विवि में 18 दिन धरना दिया था, आरोप लगाए थे कि विवि प्रशासन भाजपा के लिए काम कर रहा है और एबीवीपी को संरक्षण दे रहा है। कुलसचिव केएन सिंह ने जूस पिलाकर एनएसयूआई के पदाधिकारियों की भूख हडताल खत्म कराई थी। एनएसयूआई के आरोपी पदाधिकारियों का कहना है कि साजिश के तहत उनका नाम लिखवाया गया है, वे उस समय वहां थे ही नहीं, यह सब विवि प्रशासन एनएसयूआई को कमजोर करने और एबीवीपी की सक्रियता बढाने के लिए कर रहा है। वहीं, एबीवीपी के पदाधिकारियों का कहना है कि एनएसयूआई महिला विरोधी मानसिकता से काम कर रही है, आरोपियों को 24 घंटे में अरेस्ट किया जाना चाहिए। विवि परिसर में बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगनी चाहिए।
फाइल फोटो