आगरालीक्स… आगरा से यमुना एक्सप्रेस वे से सफर करने वाले हादसे का शिकार होते हैं तो फ्री में इलाज होगा, यमुना एक्सप्रेस वे के टोल पर पहुंचते ही वाहन चालकों का हेल्थ इंश्योरेंस कर दिया जाएगा। इसके लिए यमुना प्राधिकरण की हेल्थ इंश्योरेंस कंपनी से बात चल रही है।
आगरा से नोएडा तक यमुना एक्सप्रेस वे पर सडक हादसों में मौत का आंकडा लगातार बढ रहा है, हादसे के बाद घायलों को तुरंत सही इलाज नहीं मिल पाता है। घायलों का कहां इलाज कराएं, यह भी एक बडी समस्या है, इसे देखते हुए यमुना एक्सप्रेस वे प्राधिकरण ने वाहन चालकों का हेल्थ इंश्योरेंस कराने के लिए बीमा कंपनियों से बात की, इस पर कुछ कंपनी सहमत हो गई हैं।
चार रुपये तक लगेंगे अतिरिक्त
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, यमुना प्राधिकरण के सीईओ डॉ अरुणवीर सिंह का कहना है कि इंश्योरेंस कंपनी को यमुना एक्सप्रेस वे पर सपफर करने वाले हर वाहन चालक का हेल्थ इंश्योरेंस करने का प्रस्ताव समझ में आ गया है, जल्द ही कंपनी से अनुबंध किया जाएगा। यमुना एक्सप्रेस वे के टोल पर इंश्योरेंस के लिए चार रुपये तक अतिरिक्त लिए जाएंगे। इसके बाद हादसा होने पर फ्री में इलाज की सुविधा दी जाएगी।
कोहरे और धुंध में बढ रहे हादसे
केन्द्रीय सड़क एवं परिवहन मंत्रालय द्वारा निर्गत की गई ”रोड एक्सीडेन्ट्स इन इण्डिया-2017“ के अनुसार वर्ष 2017 में 26,982 सड़क हादसे कोहरे व धुंध के कारण हुए थे, जिनमें 11,090 व्यक्ति मारे गये थे और 11,577 व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुए थे जबकि 13,251 व्यक्ति साधारण रूप से घायल हुए थे। इस प्रकार वर्ष 2017 में सड़क हादसों में हुई कुल 1,47,913 मौतों में 11,090 मौतें कोहरे व धुंध के कारण हुई थीं जो कुल हादसों में हुई मौतों का 7.5 प्रतिशत था।
धुंध और कोहरे के कारण सड़क हादसे रोके जा सकें, इसके लिए यूपीडा को निम्न सुझाव पत्र में दिये गयेः-
1. एक्सप्रेसवे पर फॉग-लाइट लगाया जानाः-165 किमी लम्बे यमुना एक्सप्रेसवे पर सुरक्षित सफर हेतु 400 फॉग लाइट लगा दी गई हैं। इसी तर्ज पर आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भी कम से कम 800 फॉग-लाइट लगाई जायें और उनका विधिवत् संचालन हो।
2. अधिकतम गतिसीमा को घटाया जायेः-यमुना एक्सप्रेसवे पर वर्तमान में गतिसीमा हल्के वाहनों और कारों के लिए 100 और भारी वाहनों हेतु 80 किमी प्रति घण्टा है, जिसको यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (येडा) द्वारा घटाकर क्रमशः 75 व 60 किमी प्रति घण्टा (15 दिसम्बर से 15 फरवरी तक) करने का निर्णय लिया है जिसके लिए प्रवेश पॉइन्ट्स पर पैम्पलेट्स भी बांटे जायेंगे। आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भी उक्त अवधि के लिए वाहनों की अधिकतम गतिसीमा को घटा दिया जाये।
3. क्रेन व एम्बुलेन्सों की संख्या में वृद्धि होः-येडा द्वारा यमुना एक्सप्रेसवे के प्रत्येक 10 किमी पर एक एम्बुलेन्स व एक क्रेन तैनात होगी। इसी तरह से आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर भी क्रेन व एम्बुलेन्स की इसी तरह की सुविधा तुरन्त प्रारंभ कर दी जाये।
4. अधिक अस्पतालों से इलाज हेतु अनुबन्ध होः- हादसों में घायल हुए व्यक्तियों के इलाज हेतु येडा द्वारा 7 प्राईवेट अस्पतालों से अनुबन्ध किया गया है। यूपीडा द्वारा भी इसी प्रकार अनुबन्ध किया जाये ताकि हादसों में घायल हुए व्यक्तियों को अविलम्ब रूप से सही अस्पताल में इलाज मिल सके।