आगरालीक्स.. आगरा के डीईआई की शोध छात्रा नेहा शर्मा रेप और हत्या के मामले में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगई ने तल्ख टिप्पणी की है, मुख्य आरोपी उदय स्वरूप की जमानत याचिका पर मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगई और एसके कौल की पीठ ने टिप्पणी की है कि केस के तथ्य हमें अब तक डरा रहे हैं और ऐसा आदमी जमानत मांग रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने आरोपी उदय स्वरूप की जमानत अर्जी पर फैसला देने के लिए जनवरी 2019 में तिथि दी है।
आगरा के दयालबाग शिक्षण संस्थान की लैब में 15 मार्च 2013 को शोध छात्रा नेहा शर्मा की रेप के बाद बेरहमी से हत्या हुई थी। लैब में शव मिला था, इस मामले में आरोपी डीईआई का बीएससी का छात्र उदय स्वरूप जेल में बंद है। सीबीआई ने डीएनए टेस्ट में रेप की पुष्टि के बाद उदय स्वरूप के खिलाफ चार्जशीट लगाई थी। कोर्ट ने लैब असिस्टेंड यशवीर संधू के खिलाफ भी आरोप तय किए थे। इस मामले में सीबीआई की रिपोर्ट के बाद से सुनवाई चल रही है। हाईकोर्ट ने स्थानीय कोर्ट को छह महीने में मुकदमा निस्तारण के आदेश दिए हैं।
मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगई और एसके कौल की पीठ की टिप्पणी
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार नेहा शर्मा रेप और हत्या का
मुख्य आरोपी उदय स्वरूप को हत्या के मामले में जमानत मिल चुकी है लेकिन रेप के आरोप में जमानत न मिलने पर जेल में है। जमानत के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगई और एसके कौल की पीठ ने टिप्पणी में कहा कि यह वही व्यक्ति है न, जिसने लैबोरेटरी में मेधावी छात्रा की हत्या की थी, इसका नाम उदय स्वरूप है ना, यह वही व्यक्ति है ना जब वह उस लडकी को मार रहा था और लडकी का मोबाइल पफोन बज रहा था, यह उसकी मां का पफोन था। उदय ने फोन उठाकर कहा था कि वह बाहर गई हुई है, यह संस्थान के पूर्व पदाधिकारी का धेवता है।
17 जगह से काटा शरीर
टिप्पणी करते हुए कहा कि इसने लडकी के शरीर को 17 जगह से काटा था, पीठ ने कहा कि देखिए हमने पफाइल तक नहीं खोली है लेकिन इसके तथ्य हमें याद हैं, ये डरावने तथ्य हमारा पीछा करते हैं। इस व्यक्ति ने घटना को इस घिनौने तरीके से अंजाम दिया था कि इसके तथ्य हमारे दिमाग में हमारा पीछा करते हैं हम व्यथित हो जाते हैं।