आगरालीक्स.. आगरा में 10 वीं की छात्रा संजलि पर पेट्रोल डालकर जलाकर हत्या करने के मामले में पांच दिन बाद पुलिस ने क्राइम सीन री कंस्ट्रक्ट किया, इसमें कुछ सुराग मिले हैं, ये हत्यारों तक पहुंचने में पुलिस की मदद कर सकते हैं।
18 दिसंबर मंगलवार को आगरा के मलपुरा के गांव लालऊ निवासी अशर्फी देवी छिदृदी सिंह इंटर कॉलेज की 10 वीं की छात्रा संजलि दोपहर एक बजे स्कूल से सहेलियों के साथ घर के लिए निकली थी। वह मिठाई की दुकान पर कचौडी लेने के लिए रुक गई, उसकी सहेलियां आगे निकल गईं, कुछ दूरी पर जाकर साइकिल से जा रही संजलि पर पेट्रोल डालने के बाद आग लगा दी थी, आग की लपटों से घिरी संजलि जान बचाने के लिए चीख रही थी, इसी दौरान स्प्रिंगडेल पब्लिक स्कूल के बच्चों को छोडकर बस लेकर ड्राइवर मुकेश लौट रहा था। उसने बस में रखे फायर एक्सटयूनगूसर से आग बुझाई। गंभीर हालत में एसएन में भर्ती किया गया, यहां से दिल्ली के सफदरगंज अस्पताल में भर्ती करा दिया, वहां 19 दिसंबर की रात को संजलि की मौत हो गई, अगले दिन 20 दिसंबर को उसके ताउ के बेटे योगेश ने जहर खाकर सुसाइड कर ली।
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पुलिस ने क्राइम सीन किया रीकंस्ट्रक्ट
शनिवार को आगरा पुलिस, फोरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल पर स्प्रिंगडेल पब्लिक स्कूल के ड्राइवर मुकेश को लेकर पहुंची, उसने बताया कि वह लालऊ गांव से बच्चों को छोड़कर यहां पहुंचा तो उनसे आग लपटें देखीं। उसने आग बुझाई। उसने बताया कि वहां कोई भी नहीं था। पीड़ित बच्ची मदद की अपील कर रही थी और बार-बार बचाने को कह रही थी। पुलिस को मौका-ए-वारदात से कुछ जले हुए कागज मिले हैं।
प्रत्यक्षदर्शी के बयान से उलझ रहा मामला
पुलिस को एक प्रत्यक्षदर्शी भी मिला है, उसने बताया कि घटना से कुछ देर पहले वह उसी रोड से निकला था। संजलि साइकिल से जा रही थी, उससे बाइक सवार युवक बात करते हुए चल रहे थे। बाइक सवार युवक काले रंग की पेशन प्रो बाइक से थे।