आगरालीक्स…दो मिनट में पूरा खुलासा आगरा में संजली को जिंदा जलाकर हत्या करने वाले सीसीटीवी में कैद हो गए थे इसके बाद भी सात दिन तक हत्या की गुत्थी उलझी रही।
आगरा में 18 दिसंबर मंगलवार को आगरा के मलपुरा के गांव लालऊ निवासी अशर्फी देवी छिदृदी सिंह इंटर कॉलेज की 10 वीं की छात्रा संजलि को जिंदा जला दिया था। अगले दिन उसकी मौत हो गई थी। मंगलवार को प्रेसवार्ता में एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि संजली का ताउ का बेटा योगेश संजली को भ्रम जाल में फंसा रहा था। संजली इसका विरोध कर रही थी। प्रतिशोध में योगेश ने अपने मामा के बेटे कलवारी सिकंदरा निवासी विजय और विजय के रिश्तेदार शास्त्रीपुरम निवासी आकाश के साथ मिलकर संजली पर पेट्रोल डालकर जिंदा जलाया।
योगेश की मौत से उलझ गई थी गुत्थी

एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि बुधवार रात दो बजे संजली की दिल्ली में मौत के बाद योगेश ने अपने घर पर जहर खा लिया था। गुरुवार को उसकी मौत हो गई, इससे हत्या की गुत्थी उलझ गई थी। पुलिस टीम को सोमवार को कुछ सुराग मिले, इसके बाद विजय और आकाश को अरेस्ट कर लिया गया। इन्होंने पूछताछ में पूरा जुर्म कबूल किया है। अभियुक्तों से हत्याकांड में प्रयुक्त की गई दो बाइक, हेलमेट सहित अन्य सामान जब्त किया गया है। दोनों अभियुक्तों को जेल भेज दिया गया है।
23 नवंबर को संजली के पिता पर किया था हमला

एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि योगेश ने अपने रिश्तेदारों के साथ मिलकर संजली योगेश के पिता पर भी 23 नवंबर को जानलेवा हमला किया था।
एक तरफा प्यार में क्राइम पेट्रोल और सीरियल देखकर की हत्या
योगेश ने पूरी प्लानिंग के साथ हत्या की, वह घर से अपने साथ दो जोडी कपडे लेकर निकला, अपनी बाइक खेरागढ में दोस्त के घर खडी कर दी, उसकी अपाचे बाइक से आया, सिकंदरा के कलवारी निवासी विजय और उसका रिश्तेदार शास्त्रीपुरम निवासी आकाश दूसरी पेशन प्रो से थे। पेट्रोल पंप से पेट्रोल डलवाई, इसके बाद अपने कपडे बदल दिए। अपाचे आकाश को दे दी, वह खुद पीछे बैठ गया, आकाश से कहा कि संजली के पास पहुंचते ही बाइक की स्पीड कम कर ले। आकाश ने स्पीड कम की और योगेश ने पेट्रोल डालने के बाद आग लगा दी, हाथ ना झुलसें, इसके लिए सर्जिकल ग्लब्स इस्तेमाल किए। अपाचे बाइक पर आकाश के पीछे बैठा योगेश भी आ गया था लेकिन पुलिस उसकी पहचान नहीं कर पा रही थी।