आगरालीक्स… आगरा के सांसद डॉ राम शंकर कठेरिया रीडर से प्रोफेसर बनने जा रहे हैं, वे अवकाश पर चल रहे थे, बिना पढाए प्रोफेसर कैसे बन सकते हैं, यह मामला गर्मा रहा है।
आगरा के आंबेडकर विवि के केएमआई में सांसद व एससी आयोग के अध्यक्ष डॉ राम शंकर कठेरिया शिक्षक हैं, उनकी रीडर से प्रोपफेसर के पद पर पदोन्नति होनी है। सूत्रों के मुताबिक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सांसद राम शंकर कठेरिया ने प्रोफेसर के पद के लिए आवेदन किया है, केएमआई के डायरेक्टर ने उनके आवेदन को आगे बढा दिया है और प्रोफेसर के पद पर पदोन्नति के लिए 15 फरवरी को साक्षात्कार हो सकता है।
यह है विवाद
पदोन्नति के लिए नए नियम बनाए गए हैं, नए नियम के अनुसार एकेडमिक परपर्फोमेंस इंडीकेटर एपीआई के आधार पर अंक दिए जाते हैं, यह पढाने और कांपफ्रेंस में शामिल होने , रिसर्च पेपर प्रस्तुत करने पर दिए जाते है। ऐसे में अवकाश पर रहने वाले शिक्षक पदोन्नति के लिए पात्र नहीं हैं। जबकि पुराने नियम के अनुसार वर्ष 2010 से जिनकी पदोन्नति लंबित है, उनकी पदोन्नति पुराने नियम से होगी, पुराने नियम से आठ वर्ष रीडर के पद पर अनुभव होने पर पदोन्नति हो सकती है।
मीडिया से यह है कहना
सांसद डॉ राम शंकर कठेरिया का कहना है कि मैं 2003 से रीडर के पद पर केएमआई में तैनात हूं और 2009 10 से पदोन्नति लंबित है, अवकाश तो 2014 में मंत्री बनने के बाद लिया था। नियमानुसार ही आवेदन किया है। एनएसयूआई के पूर्व पदाधिकारी अमित सिंह का कहना है कि जिस शिक्षक ने 10 साल से एक भी क्लास नहीं ली, उसे पदोन्नति देने की तैयारी चल रही है, इसका विरोध किया जाएगा।
इस समय विवि में शिक्षकों के लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को पूरा किया जा रहा है, इसमें कौन कौन शिक्षक हैं यह मुझे जानकारी नहीं है।
डॉ अरविंद दीक्षित कुलपति डॉ भीमराव आंबेडकर विवि आगरा