आगरालीक्स… आगरा प्रदूषण के मामले में दुनिया में 16 वें स्थान पर है, यहां एक्यूआई कई महीनों से सामान्य नहीं हुआ है, आगरा की आबोहवा जहरीली होती जा रही है। इसमें भी पीएम 2 5 सूक्ष्म कण की संख्या अधिक है, इससे सांस संंबंधी समस्याएं कई गुना बढ चुकी हैं। यह लगातार घातक हो रहा है।
2018 की रिपोर्ट के अनुसार प्रदूषण के मामले में दिल्ली एनसीआर सबसे प्रदूषित जोन है। वहीं, दुनिया में आगरा 16 वां प्रदूषित शहर है।
आगरा रहा देश का सबसे प्रदूषित शहर
25 दिसंबर 2019 को शाम चार बजे केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक जारी किया, इसमें पहले स्थान पर 428 एक्यूआई के साथ आगरा पहले स्थान पर रहा। दूसरे स्थान पर ग्रेटर नोएडा 415 और गाजियाबाद 414 रहा। एक्यूआई का स्तर बढने से अस्थमा और सांस की बीमारी से पीडित मरीजों को परेशानी होने लगी है, सांस लेने में परेशानी हो रही है। डॉक्टरों द्वारा घर से बाहर ना निकलने और घर पर अलाव व लकडी ना जलाने के लिए कहा जा रहा है।
सूक्ष्म कणों की बढी मात्रा
आगरा में सबसे अधिक एक्यूआई 428 दर्ज किया गया है, इसमें भी सूक्ष्म कणों की संख्या सबसे अधिक है, यह मरीजों के लिए घातक हो सकता है। अस्थमा और सांस की बीमारी से पीडित मरीजों की सांस उखड सकती है, उन्हें सांस लेने में तकलीफ होने के साथ बेचैनी और घबराहट हो सकती है, ऐसे में तुरंत डॉक्टर को दिखाएं।
शाम को ना निकलें घर से बाहर,मुंह ढक कर रखें
प्रदूषण का स्तर बढने पर डॉक्टरों ने अलर्ट किया है, सांस की बीमारी से पीडित मरीज शाम को घर से बाहर ना निकलें, घर से बाहर निकलते समय मुंह पर मास्क और कपडा बांधकर बाहर जाएं।