आगरालीक्स ..आगरा की एक घटना ने लोगों को झकझोर दिया है, एंबुलेंस में आक्सीजन खत्म हो गई, इंजीनियर पिता नवजात बेटे की जान बचाने को चीखता रहा, चालक एंबुलेंस को छोडकर भाग गया। एंबुलेंस को कब्जे में ले लिया है लेकिन अभी मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।
मोबाइल कंपनी में नेटवर्क इंजीनियर शिकोहाबाद निवासी संजीव यादव पत्नी ने आगरा के बाईपास स्थित पारस हॉस्पिटल में मंगलवार को बेटे को जन्म दिया था। सांस लेने में तकलीफ होने पर नवजात को हेरिटेज हॉस्पिटल में भर्ती कराया। गुरुवार को वहां से उसे सैफई रेफर कर दिया।
चार हजार में एंबुलेंस, बीच में खत्म हुई आक्सीजन
पुलिस को दी तहरीर में कहा है कि हॉस्पिटल के बाहर खड़ी एक एंबुलेंस को सैफई के लिए चार हजार रुपये में बुक कर लिया। उससे कहा था कि आक्सीजन सिलिंडर लगाकर ले जाना है, शुक्रवार को एंबुलेंस से नवजात को लेकर सैफई के लिए निकले।
संजीव के मुताबिक नवजात को ऑक्सीजन सिलेंडर लगाकर ले जाया जा रहा था। एंबुलेंस 15 किलोमीटर ही चल पाई थी, ऑक्सीजन बंद हो गई। वह सिलिंडर की व्यवस्था करने के लिए एंबुलेंस को वापस रामबाग के पास ले आया। एत्माद्दौला थाना क्षेत्र के गोयल हॉस्पिटल के सामने एंबुलेंस को खड़ी कर सिलिंडर की तलाश के बहाने चालक भाग गया।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, संजीव ने पुलिस को फोन कर बुला लिया और लिखित शिकायत कर दी। इंस्पेक्टर एत्माद्दौला उदयवीर सिंह मलिक ने बताया कि लावारिस खड़ी मिली एंबुलेंस को कब्जे में ले लिया गया है। यह न्यू आगरा क्षेत्र से बुक हुई थी, इसलिए मुकदमा वहीं दर्ज किया जाएगा। संजीव अस्पताल में अपनी पत्नी की तीमारदारी में व्यस्त है। एंबुलेंस में लिखे नंबर पर फोन करने पर एंबुलेंस मालिक ने कहा कि सिलेंडर कल ही भराया था। चालक डरकर भाग गया होगा।