आगरालीक्स.. आगरा से पालीवाल पार्क में टिकट से एंट्री का मामले गर्माने के बाद उद्यान विभाग बैकफुट पर आया, आज से पार्क में प्रवेश पर टिकट नहीं लेनी होगी, पहले ही तरह से शहरवासी सुबह और शाम पार्क में टहल सकेंगे।
आगरा के पालीवाल पार्क में छह मई से टिकट से एंट्री के पोस्टर लगा दिए गए थे, पार्क में सुबह और शाम को बडी संख्या में शहरवासी टहलने जाते हैं। पार्क में टिकट से एंट्री के लिए उद्यान विभाग द्वारा लगाए गए पोस्टर के बाद से आक्रोश फैल गया। इस मामले को आपके अपने न्यूज पोर्टल https://agraleaks.com/ आपकी खबर हमारी नजर ने प्रमुखता से प्रकाशित की। इसके बाद से शहरवासियों के कमेंट आने लगे।
अभी टिकट नहीं लगाने का फैसला

पालीवाल पार्क में टिकट से एंट्री का मामला गर्माने के बाद उद्यान विभाग ने छह मई से पांच रुपये की टिकट लगाने का फैसला टाल दिया है। आज यानी छह मई सोमवार से पूर्व की तरह ही लोगों को पालीवाल पार्क में प्रवेश मिल सकेगा।
छह मई से लगने जा रहा था शुल्क
राजकीय उद्याग विभाग द्वारा छह मई 2019 से पांच रुपये प्रवेश शुल्क, और 100 के मासिक पास की भी व्यवस्था की जा रही है। इस प्रवेश शुल्क को पार्क के रखरखाव के लिए बताया जा रहा था।
मीडिया से उद्यान विभाग के अधीक्षक मुकेश कुमार ने कहा था कि पालीवाल पार्क में प्रवेश शुल्क की व्यवस्था करने का फैसला ढाई माह पहले उद्यान विकास समिति की बैठक में हुई थी। मंडलायुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में जिलाधिकारी एनजी रविकुमार, उप निदेशक के अलावा समिति के सदस्य शहर के पांच संभ्रांत लोग भी शामिल थे। प्रवेश शुल्क से वसूला गया पैसा पार्क के रखरखाव पर खर्च किया गया, वहीं अराजकतत्वों पर भी अंकुश लगेगा।
70 एकड में फैला है पार्क
1 जनवरी से 1907 से 12 सितंबर 1912 तक यूनाइटेड प्रोविंस ( संयुक्त प्रांत ) के लेफ्टिनेंट गवर्नर सर जॉहंस प्रेसीकोट हीवेट के समय में पार्क बना, पहले इसका नाम आगरा सिटी पार्क था। 70 एकड में फैले पार्क में दुर्लभ प्रजाति के पौधे हैं। पार्क मूल प्लानर आगरा के गार्डन सुपरिंटेंडेंट एडविन एल्डिन ग्रीसन थे । इसे सिकंदरा रजवाह के पानी से सींचने की व्यवस्था थी।