आगरालीक्स.. आगरा में आरटीओ कार्यालय में जिला प्रशासन की टीम द्वारा मारे गए छापे में पकडा मामला सामने आया है। आरटीओ के कार्यालय की चाबी दलालों के पास रहती है। वे ही आरटीओ कार्यालय के सारे काम कराते हैं। इस मामले में डीएम एनजी रवि कुमार ने शासन को रिपोर्ट भेज दी है।
शुक्रवार को एडीएम प्रोटोकॉल मंजूलता और एसीएम द्वितीय वीके गुप्ता ने आरटीओ कार्यालय में छापा मारा। 11 घंटे जांच के बाद डीएम को रिपोर्ट सौंपी है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार टीम ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि रिकॉर्ड रूम की चाबी बाहरी व्यक्तियों के पास रहती है। टीम जांच कर रही थी, उस दौरान रिकॉर्ड रूम में चार लोग थे, टीम को देखते ही वे ताला लगाकर भाग गए। अधिकारियों से पूछने पर बताया कि रिकॉर्ड रूम का ताला लगाकर भागे युवक कर्मचारी नहीं है, इससे इनके बाहरी होने की बात सामने आई है। इनके पास ही रिकॉर्ड रूम की चाबी रहती है। सरकारी रिकॉर्ड दलालों के पास होना चिंताजनक बताया गया है। मनमाने तरीके से रिकॉर्ड का प्रयोग किया जा सकता है। लाइसेंस के लिए जो भी प्रार्थना पत्र आ रहे थे। उनका ठीक तरीके से निस्तारण नहीं किया जा रहा है। जो भी शिकायतें होती हैं, उनके निस्तारण की भी खानापूर्ति की जाती है। कार्यालय में कई अज्ञात वाहनों के बारे में भी स्टाफ जानकारी नहीं दे सका।
सीसीटीवी जब्त
टीम ने 11 घंटे की जांच के बाद कार्यालय से सीसीटीवी फुटेज भी जब्त किए हैं। इसकी भी जांच की जा रही है।