आगरालीक्स आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज में भर्ती हर्ष सांसों की भीख मांग रहा है, वह मरना नहीं चाहता है वह अकेला है, इलाज कराने वाले भी तैयार हैं लेकिन तीमारदार नहीं है। उसका दिल का इलाज दिल्ली और जयपुर में हो सकता है। एसएन के डॉक्टर और संस्थाएं हर्ष की जान बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं लेकिन कोई तीमारदार नहीं मिल रहा है, उसके रिश्तेदार भी इलाज के लिए साथ जाने के लिए तैयार नहीं हैं।
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार फीरोजाबाद निवासी हर्ष के पिता और मां की मौत हो चुकी है, वह फीरोजाबाद में ही एक फैक्ट्री में काम कर रहा था, उसकी एक शादीशुदा बहन है, हर्ष को ह्रदय रोग है इससे दिल का आकार बढ रहा है, चार अगस्त को तबीयत बिगडने पर पडोसी उसे एसएन में भर्ती कराने के बाद चले गए। एसएन में सत्यमेव जयते के वॉलेंटियर द्वारा हर्ष की दवाएं और तीमारदारी की गई, जूनियर डॉक्टरों ने इलाज किया। लेकिन उसकी तबीयत बिगड रही है, हर्ष चाहता है है कि उसकी जान बच जाएगा, एसएन के डॉक्टर उसे दिल्ली और जयपुर एडमिट कराने के लिए कह रहे हैं लेकिन वहां उसके साथ एक तीमारदार होना चाहिए। हर्ष के साथ जाने के लिए कोई तैयार नहीं है।