आगरालीक्स.. आगरा में भाजपा में भी बगावती स्वर उठने लगे हैं, भाजपा के पार्षद उमेश पेरवानी को छह साल के लिए भाजपा की प्राथमिक सदस्यता और पार्षद दल से निष्कासित कर दिया है।
28 दिसंबर को नगर निगम की कार्यकारिणी का चुनाव हुआ था। इसमें भाजपा की ओर से नामांकन करने के लिए पार्षदों को अधिकृत करने की जिम्मेदारी पार्षद दल के उपनेता मोहन सिंह लोधी और सचेतक प्रकाश केशवानी को दी गई थी। उमेश पेरवानी ने मोहन सिंह लोधी और प्रकाश केशवानी की अनुमति के बिना ही नामांकन कर दिया। नामांकन खारिज होने पर वह सदन में आपा खो बैठे और बहिष्कार करके चले गए।
तब उपनेता और सचेतक ने कारण बताओ नोटिस जारी किया। इसके जवाब में उमेश पेरवानी ने नामांकन को लोकतांत्रिक अधिकार बताया। सदन के बहिष्कार पर उन्होंने तबियत खराब होने का हवाला दिया। भाजपा महानगर अध्यक्ष भानु महाजन उनके स्पष्टीकरण से संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने कहा कि जब एक दिन पहले ही पार्षद दल की बैठक में तय हो गया था कि मोहन सिंह लोधी और प्रकाश केशवानी ही पार्षदों के नाम तय करेंगे तो आपने नामांकन क्यों किया? यदि आपकी तबियत खराब थी तो मेयर को क्यों नहीं बताया? महानगर अध्यक्ष भी नगर निगम में थे, उन्हें जानकारी क्यों नहीं दी? इसके विपरीत उमेश पेरवानी ने सदन में चिल्लाकर कहा कि वह सदन का बहिष्कार कर रहे हैं। यह बैठक के कार्यवृत्त में भी दर्ज हुआ है। यह अनुशासनहीनता की श्रेणी में आता है। लिहाजा उमेश पेरवानी को भाजपा की सदस्यता और पार्षद दल से छह वर्ष के लिए निष्कासित कर दिया है।