आगरालीक्स.. आगरा में नीट और आईआईटी जेईई की तैयारी करनी की सोच रहे छात्र और जो तैयारी कर रहे हैं, उनका सवाल होता है कि कितने घंटे पढाई करें। कोचिंग का चयन कैसे करें, सक्सेज कैसे मिल सकती है। इन सवालों के जवाब वैभव सर और राघवेंद्र सर से जाने।
नीट के लिए क्या स्ट्रेटजी होनी चाहिए
वैभव सर ..नीट एक कॉम्पटीटिव एग्जाम है, इसका पहला इनग्रीडिएंट है आत्मविश्वास, क्योंकि यह कहा जाता है कि If u can believe, u can achieve
टाइम प्लानिंग अच्छी होनी चाहिए, स्ट्रेंथ और वीकनेस का पता होना चाहिए, आत्मविश्वास हो और कोइ उत्साहित कर सके।
नीट की तैयारी के लिए कितने घंटे पढाई करनी चाहिए
वैभव सर .. नीट एक टफ एग्जाम है, इसके लिए 24 घंटे में 48 घंटे की इफिशियंसी निकालनी है। इसके लिए आप सात घंटे की नींद लें, जिससे आप जो पढ रहे हैं वह याद रहे, नींद दो हिस्सों में लें, रात में 5 30 घंटे सोएं। कोचिंग से लौटते हैं उसके बाद डेढ घंटे सोएं
वहीं, एक साथ लगातार ना पढे, दो से ढाई घंटे पढने के बाद 30 मिनट का आराम लें, रिलेक्स करें
क्या सामान्य पढाई करने वाला बच्चा भी नीट क्वालीफाई कर सकता है
वैभव सर .. बच्चे को सेल्पफ मॉटीवेटेड रहता है, एक सामान्य बच्चा भी क्वालीपफाई कर सकता है। इसमें बच्चे के परिजन और टीचर का बहुत अच्छा रोल होता है।
कोचिंग की क्या इम्पोरटेंस है
वैभव सर .. अधिकांश बच्चे 12 वीं कक्षा के बाद तैयार करने वाले बच्चों के पास 11 से 12 महीने होते हैं, इसलिए सलेक्टेड पढाई करें, यह संभव तभी हो सकता है जब आप अच्छी कोचिंग में पढे।
आगरा में इतने कोचिंग सेंटर है, Arvee Academy, Dev Nagar Khandari, Agra में ऐसा क्या है
वैभव सर .. नीट और आईआईटी जेईई के लिए नेक टू नेक कॉम्पटीशन है, ऐसे में सक्सेस आसान नहीं है, ऐसे में एश्योर्ड सक्सेज के लिए आरवी एकेडमी शुरू की गई है, इसमें एक एक छात्र के हिसाब से कोर्स और उसकी जीवनशैली को देखते हुए कस्टमाइज किया जाएगा, क्लास में कम बच्चे होंगे, वे एकाग्रता के साथ पढे, आत्मविश्वास और हौसले से एग्जाम को क्वालीफाई कर सकें, यह प्रयास रहेगा।
आईआईटी जेईई क्रेक करने के लिए क्या करना चाहिए
राघवेंद्र सर …आईआईटी का एग्जाम में 10 हजार सीट हैं और 9 लाख बच्चे एग्जाम देते हैं। इसे क्रेक करना है तो प्लानिंग जरूरी है, आईआईटी में मैथ फिजिक्स और केमिस्ट्री में अलग अलग कट आफ होती है, एक बच्चा तीनों सब्जेक्ट को बराबर का समय है, इसके लिए प्लानिंग जरूरी है
आईआईटी जेईई की तैयारी के लिए कितने घंटे पढे
राघवेंद्र सर … यह छात्रों की सामान्य जिज्ञासा है छह घंटे की सेल्पफ स्टडी तो होनी चाहिए, वह कोचिंग के अलावा खुद अपनी पढाई करे। इन छह घंटे में तीनों विषयों को बराबर का समय दें।
औसत बच्चा भी आईआईटी जेईई की तैयारी कर सकता है
राघवेंद्र सर … आईआईटी के लिए 12 वीं में 75 फीसद अंक आने चाहिए। मैं 20 साल से पढा रहा हूं, मैंने देखा है कि जीनियस स्टूडेंट चूक जाते हैं और औसत बच्चा क्रेक कर जाता है। इसमें मॉटीवेशन बहुत जरूरी है, यह लंबी पढाई है, जो एक से दो साल तक सेल्पफ मॉटीवेट रहते हैं वे क्वालीफाई कर जाते हैं। इसलिए टीचर का रोल रहता है, पढाने के साथ बच्चे को मॉटीवेट भी टीचर करे तो वह सलेक्ट हो सकता है।
कोचिंग का क्या रोल होता है तैयारी के लिए
राघवेंद्र सर … आईआईटी जेईई का एग्जाम प्लानिंग और मॉटीवेशन से होता है। हर बच्चे के पढने का तरीका अलग होता है, इसलिए हर बच्चे के लिए कोचिंग में कस्टमाइज प्लानिंग तैयार करें।
आगरा में इतने कोचिंग सेंटर है, ARVEE एकेडमी में ऐसा क्या है
राघवेंद्र सर … नीट और आईआईटी जेईई के लिए नेक टू नेक कॉम्पटीशन है, ऐसे में सक्सेस आसान नहीं है, ऐसे में एश्योर्ड सक्सेज के लिए आरवी एकेडमी शुरू की गई है, इसमें एक एक छात्र के हिसाब से कोर्स और उसकी जीवनशैली को देखते हुए कस्टमाइज किया जाएगा, क्लास में कम बच्चे होंगे, वे एकाग्रता के साथ पढे, आत्मविश्वास और हौसले से एग्जाम को क्वालीफाई कर सकें, यह प्रयास रहेगा। हम बच्चे का मॉरल डाउन नहीं होने देंगे।