आगरालीक्स ..आगरा के आंबेडकर विवि की 13 मार्च को हुई कुछ परीक्षा निरस्त, छात्रों को दोबारा परीक्षा देनी होगी। विवि ने ठाकुर बीरी सिंह कॉलेज टूंडला नोडल सेंटर से जो पेपर लिए हुए थे, उन पेपर की 13 मार्च को हुई सभी परीक्षाएं निरस्त करने का निर्णय लिया है। इन पेपरों की परीक्षा दोबारा कराई जाएगी।
इसमें बीएससी प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के परीक्षार्थियों की जूलॉजी प्रथम प्रश्नपत्र (ओएमआर आधारित), बीए/बीएससी प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष की मैथमेटिक्स प्रथम प्रश्नपत्र (ओएमआर आधारित) की परीक्षाएं शामिल हैं।
आगरा के आंबेडकर विवि की मुख्य परीक्षा चल रही हैं, 13 मार्च को बीएससी जूलॉजी सहित कुछ पेपर वाटस एप पर वायरल हुए थे, इन पेपर की 13 मार्च को परीक्षा थी। विवि की टीम ने 13 मार्च की रात में ठाकुर बीरी सिंह कॉलेज, टूंडला में छापा मारा, टीम को 13 मार्च को हुई परीक्षा के पेपर कम मिले थे। इस मामले में विवि में रविवार को कुलपति प्रो अशोक मित्तल की अध्यक्षता में परीक्षा समिति की बैठक हुई। इसमें निर्णय लिया गया है कि जो पेपर नोडल केंद्र बीरी सिंह कॉलेज पर थे, उन सभी पेपर की 13 मार्च की परीक्षा निरस्त की जाती है, छात्रों की दोबारा परीक्षा कराई जाएगी।
16 मार्च तक परीक्षा स्थगित
परीक्षा नियंत्रक डॉ. राजीव कुमार का कहना है कि 13 मार्च की निरस्त व 14, 15 और 16 मार्च की स्थगित परीक्षाओं की नई तिथि बाद में घोषित की जाएगी। जो पेपर निरस्त हुए हैं, उनकी जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट और परीक्षा व नोडल सेंटरों को दे दी जाएगी।
ठाकुर बीरी सिंह कॉलेज के परीक्षा केंद्र व नोडल सेंटर को निरस्त कर दिया गया है। यहां की परीक्षाएं जीआईसी टूंडला में होंगी। संबंधित कॉलेजों का नोडल सेंटर एमजी गर्ल्स कॉलेज शिकोहाबाद होगा।
13 मार्च की परीक्षा
13 मार्च को विश्वविद्यालय के बीएससी प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष के परीक्षार्थियों की जूलॉजी प्रथम प्रश्नपत्र (ओएमआर आधारित), बीए/बीएससी प्रथम, द्वितीय और तृतीय वर्ष की मैथमेटिक्स प्रथम प्रश्नपत्र (ओएमआर आधारित), एमकॉम प्रथम व द्वितीय वर्ष की एमकॉम ग्रुप (ए,बी,सी) तृतीय प्रश्नपत्र, बीए प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष की कम्युनिकेशन डेलवपमेंट एक्स. द्वितीय प्रश्नपत्र, बीए प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष की ईसीसीसीई प्रथम प्रश्नपत्र, बीकॉम प्रथम वर्ष की ग्रुप (बी) तृतीय प्रश्नपत्र और बीकॉम (वोकेशनल) तृतीय वर्ष की ग्रुप (बी) प्रथम प्रश्नपत्र की परीक्षाएं थीं।