आगरालीक्स… किसानों ने गृहमंत्री अमित शाह का सशर्त वार्ता का प्रस्ताव ठुकाराया.
केंद्र सरकार के कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों का आंदोलन पांचवें दिन भी जारीहै। दिल्ली बार्डर पर कई स्थानों पर किसान डटे हुए हैं, जिसकी वजह से जगह-जगह जाम के हालात बन गए हैं। दिल्ली पुलिस बार्डर पर प्रत्येक वाहन की सघन चेकिंग कर रही है। सरकार की ओर से वार्ता के प्रस्ताव को किसानों ने शर्तों के साथ मानने से इनकार कर दिया है, जिसके बाद गृहमंत्री के साथ रक्षामंत्री और कृषि मंत्री ने मंत्रणा की।
रामलीला मैदान जाने की कोशिश
दिल्ली चलो आंदोलन के तहत हजारों किसान दिल्ली की सीमाओं पर जमे हुए हैं। किसान दिल्ली के रामलीला मैदान जाने की कोशि में हैं। गृहमंत्री शाह उन्हें बुराड़ी स्थित निरंकारी ग्राउंड को प्रदर्शन के लिए अनुमति दी है लेकिन किसान मानते है कि सरकार बुराडी में खुली जेल में बंद करना चाहती है। रविवार को हुई बैठक में किसानों ने अपना इरादा स्पष्ट कर दिया है।
दिल्ली में प्रवेश के पांच रास्ते बंद करेंगे
उत्तरी दिल्ली के सिंधु बार्डर पर जमे प्रदर्शनकारी किसानों की कल हुई बैठक में किसानों के ने शाह के साथ सशर्त वार्ता के प्रस्ताव को ठुकराए जाने के बाद आंदोलन की आगे की रणनीति तय करने को बैठक हुई। बाद में एक प्रेस कान्फ्रेंस कर किसान नेताओँ ने साफ कर दिया कि आने वाले दिनों में दिल्ली में प्रवेश करने की सभी पांच प्रदेश बिंदु, सोनीपत, रोहतक, जयपुर, गाजियाबाद, हापुड़ और मथुरा को बंद करेंगे।
26 जनवरी तक डटे रहेंगे
भारतीय किसान यूनियन के नेता राकेश टिकैत ने घोषणा की है कि किसान घटनास्थल पर ही झोपड़ियां बनाएंगे ताकि वहां लंबे समय तक रुका जा सके। टिकैत ने कहा कि वह आगामी 26 जनवरी तक यहीं डटे रहेंगे। इस समय गाजीयाबाद-गाजीपुर बार्डर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी किसान एकत्रित हैं। बता दें कि पंजाब के किसानों के समर्थन में मेरठ, मुज्जफरनगर, बागपत, बुलंदशहर और बिजनौर के किसान भी सीमा पर खड़े हुए हैं और रामलीला मैदान जाने की जुगत में हैं।