आगरालीक्स..(देवेंद्र कुमार की ग्राउंड जीरो रिपोर्ट) आगरा मेट्रो का शिलान्यास हो रहा है, आगरावालों को बैराज भी चाहिए, तीन बार शिलान्यास हो चुका है। मेट्रो और बैराज, इन दोनों से ही दौडेगा आगरा।
आगरा मेट्रो प्रोजेक्ट 8926 करोड बजट से तैयार होना है, इसमें दो कॉरीडोर बनाए जाएंगे। पीएम नरेंद्र मोदी दिल्ली से वर्चुअल शिलान्यास करेंगे, वे बटन दवाएंगे और आगरा के पीएसी मैदान में सीएम योगी आदित्यनाथ, केंद्रीय शहरी विकास मंत्री हरिदीप सिंह पुरी शिलान्यास करेंगे। इसके साथ ही आगरा मेट्रो का काम शुरू हो जाएगा। पहले चरण में ताजमहल पूर्वी गेट से सिकंदरा के बीच 14 किलोमीटर लंबा कॉरीडोर बनाया जाएगा। दिसंबर 2022 तक ताजमहल से जामा मस्जिद से छह किलोमीटर में आगरा मेट्रो का ट्रायल शुरू हो जाएगा, इसमें छह स्टेशन होंगे। इसके बाद मेट्रो का बचा हुआ बनाया जाएगा। पहला कॉरीडोर बनने के बाद आगरा कैंट से कालिंदी विहार तक 16 किलोमीटर लंबा दूसरा कॉरीडोर बनेगा।
आगरा बैराज का तीन बार शिलान्यास, नहीं हुआ काम शुरू
आगरा में यमुना नाले के रूप में बदल चुकी है, यहां बैराज बनने से यमुना में पानी का स्तर बढ जाएगा। इसके लिए 1975 में पहली बार आगरा को जल संकट से निजात दिलाने के लिए बैराज की मांग की गई थी, लेकिन बैराज से बाढ का खतरा बताते हुए मामला दब गया।
आगरा बैराज का पहला शिलान्यास 1986- 87 में मनोहर पुर में हुआ, तत्कालीन यूपी के सीएम एनडी तिवारी ने आगरा बैराज का मनोहरपुर बल्केश्वर में शिलान्यास किया था।
आगरा बैराज का दूसरा शिलान्यास 1993 में तत्कालीन राज्यपाल रोमेश भंडारी ने बहादरपुर, पोइया घाट और मनोहरपुर गांव के बीच शिलान्यास किया था।
आगरा बैराज का तीसरा शिलान्यास 2017 में नगला पैदा , ताजमहल के पास में सीएम योगी आदित्यनाथ ने रबर चैक डैम का शिलान्यास किया था ।
बैराज से ताजमहल की नींव होगी मजबूत, यमुना होगी खूबसूरत, जल स्तर बढेगा
आगरा में बैराज बनने से आगरा में यमुना लबालब रहेगी, यहां मथुरा से आने वाला पानी रुकेगा, इससे ताजमहल की दीवार तक पानी पहुंचेगा और ताजमहल की नींव मजबूुत रहेगी। यमुना खूबसूरत दिखेगी और आगरा में जलस्तर नीचे नहीं जाएगा, पानी की भी कमी नहीं होगी। यमुना में पांच नदी मिली हैं, डाउन स्ट्रीम में बैराज बनेगा तो उटटंगन, खारी पारो सहित अन्य नदियों को भी जीवन मिल सकेगा।