आगरालीक्स.. आगरा में अगले तीन महीने में 30 हजार शादियां होनी है, ऐसे में दोबारा से कोरोना पफैलने लगा है और पाबंदी लगाई जा रही है। परेशान हैं दूल्हा दुल्हन और उनके परिजन।
आगरा में अप्रैल, मई और जून में करीब 30 हजार शादियां हैं, ऐसे में कोरोना की दूसरी लहर में केस तेजी से बढने के बाद पाबंदी लगाई जा रही है। इससे दूल्हा दुल्हन के परिजन परेशान हैं, जिन्होंने मैरिज होम बुक नहीं किए हैं। उनके सामने समस्या आ रही है कि कितने लोगों का इंतजाम किया जाए, केस बढने पर पाबंदी और बढ सकती है। इसके साथ ही कोरोना बेकाबू होने पर शादी समारोह में शामिल होने वाले लोगों की संख्या भी कम हो जाएगी।
100 लोगों की ही अनुमति
कोरोना की तेज रफ्तार के कारण प्रशासन द्वारा शादी के आयोजनों के लिए 100 लोगों की ही अनुमति दी गई है. प्रशासन द्वारा जारी आदेशों में कहा गया है कि बंद हॉल में शादी करने पर केवल 100 लोग ही शामिल हो सकते हैं. हालांकि गार्डन या खुले में शादी होने पर 200 लोगों के शामिल होने की अनुमति हैं. ऐसे में शादी वाले घरों में इस समय इस बात को लेकर टेंशन है कि 100 लोगों में से आखिर किसे बुलाएं और किसे नहीं. उन्हें अपने रिश्तेदारों को न बुलाने पर बुरा मान जाने का डर भी सता रहा है.
बाहर जाने वालों को अलग टेंशन
सबसे अधिक टेंशन उन लोगों को हो रही है जिन्हें बारात लेकर दूसरे राज्य जाना है. आगरा से सटे दिल्ली, मध्य प्रदेश, राजस्थान में कोरोना महामारी के कारण बाहर से आने वालों के लिए कोविड 19 की आरटीपीसीआर रिपोर्ट होना जरूरी बताया गया है. वहीं इन राज्यों में कोरोना को लेकर सख्त नियम लागू हो रखे हैं. तीनों ही राज्यों में नाइट कफ्र्यू लागू किए गए हैं. ऐसे में आगरा से जिन लोगों को बारात लेकर इन राज्यों में जाना है वो अभी से इस समस्या के समाधान के लिए जुटे हुए हैं.
पिछले साल टाली शादी, अब फिर फंसे
कोविड 19 के कारण पिछले साल जिन लोगों ने अपनी शादियां इस साल के लिए टाल दी थीं वो भी अलग टेंशन में हैं. उन्हें समझ में ही नहीं आ रहा है कि शादियों का मौसम आते ही फिर से कोरोना फैलने लगा है. वो फिर से सोच रहे हैं कि क्या शादी टाली जाए या फिर ऐसे ही सिंपल और सादगी तरीके से कम लोगों के साथ शादी मनाई जाए